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गोमुखासन - कंधे के दर्द को रोक कर राहत देता है ये आसन

रजवी एच मेहता,अयंगर योगआश्रय, मुबंई Updated Tue, 19 Jun 2018 10:45 AM IST
Gomukhasana
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योग सूत्र कहते हैं, "हेम दुखम अनागतम" मतलब जो दर्द आपके पास आने वाला है उससे बचा जा सकता है और बचना भी चाहिए। हमें मानव जीवन मिला है इसलिए हमसे यह उम्मीद की जाती है कि हम हमेशा स्वस्थ रहेंगे। जबकि समस्याएं, दर्द और पीड़ा जीवन का एक हिस्सा और पार्सल हैं। लेकिन, योगासन का नियमित अभ्यास करने से कुछ सामान्य दर्द को तो रोक जा ही सकता है। दर्द अगर फिर भी होता है तो कम से कम इस तरह के किसी दर्द से अच्छे से निपटा जा सकता है। 
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1 9 40 के दशक से पहले, बहुत लोग टाइफाइड , टीबी, हैजा, चेचक  जैसी कई संक्रामक बीमारियों से पीड़ित रहते थे, और तो और कई लोगों ने तो इन बीमारियों की वजह से अपनी जान तक गवाई हैं। एंटीबायोटिक की खोज ने कई लोगों को इन बीमारियों की वजह से मरने से बचाया। खास बात यह है कि इनके टीके की खोज ने तो संक्रामक बीमारी जैसे चेचक और पोलियो को जड़ से ही खत्म कर दिया। हमने सोचा कि मनुष्य अब इन बीमारियों की वजह से परेशान नहीं होगा। खैर, इसके बाद फिर जीवन शैली से संबंधित विकार उत्पन्न होने शुरू हुए जैसे हाइपरटेंशन और मधुमेह, ये ऐसी बीमारियां थी जब तक ये नियंत्रण में रहती हैं, मानव कार्य करता रहता है लेकिन जैसे ही यह नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं हमारे शरीर के सभी मानसिक लक्षणों को प्रभावित करना शुरू कर देती हैं। कई लोगों का कहना है कि यह दोनों बीमारियां शारीरिक गतिविधियों की कमी का परिणाम हैं जो औद्योगिक क्रांति, हरित क्रांति और तकनीकी प्रगति के साथ जुड़ी हुई हैं।

हालांकि हम अभी भी इन विकारों से निपटने का रास्ता ढूंढ रहे हैं, लेकिन आधुनिक गैजेट के उपयोग से जुड़े कुछ और दर्द भी सामने आ रहे हैं। गर्दन का दर्द, पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द की समस्या तो अब काफी आम हो गई है। यह अक्सर मोबाइल के निरंतर उपयोग से जुड़ी हुई है। हमारे पास कई ऐसे 'सलाहकार' हैं जो कहते हैं कि हमें मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए। खैर, क्या यह वास्तव में संभव है? क्या हम फोन से किनारा कर सकते हैं, क्या हम अपनी आदतों में बदलाव ला सकते हैं? यह निकट भविष्य में तो संभव नहीं लगता है। वो भी ऐसे समय जब तकनीक हमारी उंगलियों की नोक पर है तो हम इसका उपयोग क्यों नहीं करेंगे। तो क्या इसका मतलब है कि हमें इस दर्द के साथ जीना चाहिए? यहां आधुनिक और प्राचीन विज्ञान का एक अच्छा मिश्रण है। हालांकि, योग उच्च लक्ष्यों और आध्यात्मिक प्रगति के लिए बना है। मानव पीड़ा को कम करने के लिए किया गया इसका उपयोग किसी तरह से हानिकारक नहीं है। यह आम कंधे और गर्दन के दर्द जैसा है। 

यहां हम आपको एक आसान योगासन के बारे में बता रहे हैं जिसका नाम गोमुखासन है। यह आसन फर्श पर बैठकर अपने हाथ और पैरों से किया जाता है। मैं यहां केवल हाथ द्वारा किए जाने वाली गतिविधियों के बारे में बात करूंगा क्योंकि हमारा उद्देश्य गर्दन और कंधे के दर्द को रोककर उसे ठीक करना है।
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