विज्ञापन

10 में से 9 बीमारियों की वजह है तनाव, जानिए कैसे कुंडली से मेल खाता है शरीर विज्ञान

रामनारायण शास्त्री Updated Sun, 21 Jan 2018 08:53 AM IST
9 out of 10 diseases are due to stress associated with horoscope
ख़बर सुनें
विज्ञान को अध्यात्म से जोड़कर देखने वाले इस जमाने को सूक्ष्म जगत की यात्रा का युग कहते हैं। ऐसा युग, जिसमें बाहर की चकाचौंध वाली कामयाबियों से ज्यादा, अपने भीतर की यात्रा और वहां के चमत्कारों को देखकर दांतों तले उंगली दबा लेनी पड़ती है। 'डीएनए' के जाने-माने विज्ञानी ब्रूस लिप्टन के अनुसार, यह दौर ‘आनुवंशिकी’ का है। सन 1953 में ‘डीएनए’ की खोज के बाद साबित होता रहा है कि हमारी दस में से नौ बीमारियों की वजह तनाव है। शरीर अपने आपमें इतनी सक्षम संरचना है कि तमाम रोग-बीमारियों से निपट ले, लेकिन तनाव के कारण उसकी रोगों से लड़ने की शक्ति क्षीण हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आध्यात्मिक पदों से विज्ञान की स्थापना करने के लिए असम के मशहूर कामाख्या तंत्र विज्ञानी, पं.गोविंद शास्त्री का कहना है कि मजबूरी और तनाव का खास कारण माता-पिता से मिले आनुवंशिकी तत्वों पर निर्भर है। आनुवंशिक तत्व एकदम किस्मत या भाग्य की तरह काम करते हैं। अपने जीन चुनना असंभव है, दूसरा कोई यह तय नहीं कर सकता कि उसके माता-पिता कौन होंगे? अर्थात आपका  भविष्य पहले से तय है, उस पर अपना कोई वश नहीं है। बीमारियां इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। कैंसर या मधुमेह या हृदय-रोग जैसी कई विषम बीमारियां एक परिवार के लोगों को होती रहती हैं। मानसिक विषाद और ‘अल्‍जाइमर’ जैसी प्रवृत्तियां भी एक पीढ़ी से दूसरी को ‘जीन’ के साथ मिलती हैं। जिन लोगों के परिवार में ऐसे रोग पाए गए हैं, वे मानते हैं कि उन्हें भी आगे चलकर ऐसे रोग पकड़ेंगे ही।

अमर उजाला के कल्पवृक्ष पन्ने से साभार

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Metaphysical

सुबह उठते ही नहीं देखना चाहिए ये 5 चीजें, दिन हो जाता है बेकार

अगर दिन की शुरुआत अच्छी हो तो पूरा दिन अच्छा बीतता है। लेकिन कुछ गलत दिख जाएं, तो पूरा दिन खराब हो जाता है। कई बार जब कभी कुछ काम खराब हो जाए तो यह भी कहते सुना होगा कि सुबह किसका चेहरा देखकर उठे थे।

8 दिसंबर 2018

विज्ञापन

जानें भगवान भैरव ने क्यों काटा था ब्रह्मा जी का सिर

देवाधिदेव शिव का स्वरूप हैं भगवान कालभैरव। जानें किसलिए हुआ था कालभैरव का प्राकट्य और किस कामना से की जाती है उनकी पूजा —

30 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree