अमर उजाला
Fri, 30 August 2024
भगवान परशुराम विष्णु जी के छठे अवतार माने जाते हैं
पौराणिक कथाओं के अनुसार महान शिवभक्त परशुराम जी ने धरती को 21 बार क्षत्रिय विहीन कर दिया था
पहले उनका नाम राम था लेकिन भगवान शिव ने जब उन्हें अपना परशु दिया तो उनका नाम परशुराम हो गया
क्षत्रियों ने भगवान परशुराम के पिता जमदग्रि मुनि का वध कर दिया था, जिसके बाद उनकी मां भी सती हो गईं
इससे क्रोधित होकर उन्होंने पूरी धरती को 21 बार क्षत्रियों विहीन कर दिया था
इसके बाद उन्होंने अश्वमेध यज्ञ करवाया जो उनके गुरु महर्षि कश्यप ने किया था
इस यज्ञ के बाद भगवान परशुराम ने महर्षि कश्यप को संपूर्ण पृथ्वी दान में दे दी और स्वयं महेंद्र पर्वत पर निवास करने लगे
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