जानिए कितने प्रकार की होती हैं परिक्रमाएं और क्या होता है इसका महत्व

Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 21 Jan 2021 11:49 AM IST
विज्ञापन
गिरिराज परिक्रमा करते श्रद्धालु
गिरिराज परिक्रमा करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
हिन्दू धर्म में परिक्रमा या प्रदक्षिणा का विशेष महत्व माना गया है। हिंदू धर्म में प्राचीन समय से ही लोग परिक्रमा करते चले आ रहे हैं। परिक्रमा करना पूजा का ही एक अंग माना गया है। जब परिक्रमा कर रहे हो तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जिस स्थान की आप परिक्रमा कर रहै हैं उस ओर आपका दाहिना अंग होना चाहिए। देव स्थान आदि पर प्रतिदिन पूजा पाठ मंत्रोच्चार, घंटा और शंख की ध्वनि होती है। जिससे उस पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।  जब कोई व्यक्ति परिक्रमा करता है तो उस पवित्र स्थान की सकारात्मक ऊर्जा उस व्यक्ति के ऊपर भी अपना प्रभाव डालती है। जिससे व्यक्ति के लिए बहुत फायदेमंद होती है। परिक्रमा भी कई प्रकार की होती हैं। तो चलिए जानते हैं कि कितने प्रकार की होती है परिक्रमाएं 
विज्ञापन
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X