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भाई दूज 2018: इस शुभ मुहूर्त में बहनें लगाएं भाई को टीका

धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 08 Nov 2018 01:28 PM IST
भैय्या दूज 2018
भैय्या दूज 2018
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दिवाली के बाद भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व दिवाली के 2 दिन बाद कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की    द्वितीया तिथि को आता है। इस बार यह 9 नवंबर को है। दिवाली का 5 दिनों तक चलने वाला यह पर्व आखिरी होता है। भाई दूज में बहने अपने भाईयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारती हैं और भाई की लंबी आयु और अच्छे भविष्य की कामना करती हैं।
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भाई दूज का महत्व
भाई दूज के पर्व की ऐसी मान्यता है इस दिन बहन के घर जाकर भोजन किया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भैया दूज के दिन यमुना ने अपने भाई यम को घर पर आमंत्रित किया था और स्वागत सत्कार के साथ टीका लगाया था तभी से यह त्योहार मनाया जाता है। इस पर्व को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। भविष्योत्तर पुराण के अनुसार यमराज ने यमुना को वरदान दिया था कि जो भी व्यक्ति यम द्वितीया के दिन यमुना में स्नान करके बहन के घर जाकर हाथों से बना भोजन करेगा उसकी आयु लंबी होगी। यम द्वितीया पर माथे पर टीका लगवाने से और बहन के हाथों से बना भोजन करने पर अकाल मृत्यु से रक्षा होती है।

तिलक करने का शुभ मुहूर्त
9 नवंबर 2018- शुभ मुहूर्त- दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर 3 बजकर 27 मिनट तक

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