'Smart Beti Smart Beti

स्मार्ट बेटी: अपने दुख नहीं भूलते, बेटी की कम उम्र में शादी असंभवः गीता

अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 26 Nov 2018 06:15 PM IST
विज्ञापन
geeta devi
geeta devi - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
अपने जीवन के दुखों से पक्की सीख लेकर गीता देवी ने तय कर रखा है कि तीनों बेटियों की शादी किसी भी कीमत में कच्ची उम्र में नहीं करेंगी। बड़ी बेटी कोमल को तब तक पढ़ाने का हौसला है गीता देवी का जबतक वह अफसर न बन जाए।
विज्ञापन

गीता देवी की कम उम्र में शादी हो गयी थी, पढ़ाई भी रुक गयी। ससुराल में कोई पढ़ा-लिखा न था। पूरा जीवन ही कठिनाई में बीता। मेहनत-मजूरी और सिलाई करके 15 साल की कोमल को पढ़ा रही हैं गीता और इसी दम पर उसकी पढ़ाई जारी रखने की जिद है। बावजूद इसके कि करीबी रिश्तेदारों ने कोमल की शादी कर देने का राग कई बार अलापा है। उन सबको बहुत साफ शब्दों में गीता देवी ने बता दिया है कि जबतक कोमल अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो जाती, तबतक उसकी शादी नहीं करने दूंगी। पराये धन पर क्यों अपना पैसा बर्बाद कर रही हो—  पड़ोसियों के इस उलाहने की भी कोई परवाह नहीं करतीं श्रावस्ती के घोरमा परसिया गांव की गीता देवी।
स्मार्ट बेटियां अभियान से जुड़ी इंटरनेट साथी प्रीति राव ने यह वीडियो कथा बनाकर अमर उजाला को भेजी है।
अमर उजाला फाउंडेशन, यूनिसेफ, फ्रेंड, फिया फाउंडेशन और जे.एम.सी. के साझा  अभियान स्मार्ट बेटियां के तहत श्रावस्ती और बलरामपुर जिले की 150 किशोरियों-लड़कियों को अपने मोबाइल फोन से बाल विवाह के खिलाफ काम करने वालों की ऐसी ही सच्ची और प्रेरक कहानियां बनाने का संक्षिप्त प्रशिक्षण दिया गया है। इन स्मार्ट बेटियों की भेजी कहानियों को ही हम यहां आपके सामने पेश कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us