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सेना में मेजर बनीं शिमला की गीतांजलि, परिजनों में खुशी का माहौल

शिमला की गीतांजलि खन्ना भारतीय सेना में मेजर बनी हैं। बुधवार को सेना स्टेशन बठिंडा में कार्यक्रम के दौरान गीतांजलि को मेजर रैंक से सम्मानित किया गया।

4 अगस्त 2021

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Digital Edition

ये बंधन तो: बारिश में खराब नहीं होगी राखी, डाक विभाग ने लांच किया वाटरप्रूफ लिफाफा, रविवार को भी घर आएगा डाकिया

अब बारिश में भी राखी खराब नहीं होगी। डाक विभाग ने इसके लिए दस रुपये का वाटरप्रूफ लिफाफा लांच किया है। यही नहीं, विभाग ने 22 अगस्त तक रविवार के दिन भी डाकियां बांटने का निर्णय लिया है। वहीं, साढ़े नौ से साढ़े चार बजे तक निर्धारित समय को साढ़े पांच बजे तक बढ़ा दिया गया है।

  कोरोनाकाल में राखियां भाइयों तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग ने कमर कस ली है। महामारी के दौर में कई बहनें भाई को दूर घर में जाकर राखियां बांधने से भी गुरेज कर रही हैं। इसके चलते डाक विभाग में राखियों के पार्सल में बढ़ोतरी हो रही है। मंडी जिला का जोगिंद्रनगर डाक विभाग भी तैयारियों में व्यस्त है।

यहां छुट्टी वाले दिन भी राखी घर-घर पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली है। अभी से ही काफी संख्या में स्पीड पोस्ट और साधारण डाक से राखियां भेजने का सिलसिला शुरू हो चुका है। पोस्ट ऑफिस में राखियों के लिफाफों के ढेर लग चुके हैं, जिन्हें त्योहार से पहले घर-घर पहुंचाने के लिए डाक विभाग के कर्मचारी जुट चुके हैं।

22 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार प्रदेशभर में मनाया जा रहा है। दस रुपये के वाटप्रूफ लिफाफे पर पांच रुपये की टिकट लगाकर देश के हर कोने में राखी पहुंचाई जाएगी। स्पीड पोस्ट के 50 ग्राम के भार के लिए बहनों को 21 रुपये अदा करने होंगे, जिससे राखी दूसरे दिन पहुंचेगी। 
 
चार दिन में करीब चार सौ राखियों के पार्सल बुक हो चुके हैं। रक्षाबंधन नजदीक आ रहा है। रविवार के दिन भी राखियों को घर पहुंचाया जाएगा। सामान्य डाक को भी तवज्जो मिले, इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डाक कर्मियों का कार्य समय एक घंटा बढ़ाया गया है।
-हरीश शर्मा,  पोस्ट मास्टर, जोगिंद्रनगर।
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डाक विभाग ने लांच किया वाटरप्रूफ लिफाफा डाक विभाग ने लांच किया वाटरप्रूफ लिफाफा

बदले जा सकते हैं हिमाचल प्रदेश के मौजूदा मुख्य सचिव खाची

हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अनिल खाची को बदला जा सकता है। बुधवार को भी इस संबंध में दिनभर चर्चा रही। उनकी सख्त मिजाजी कुछ मंत्रियों और अधिकारियों को अखरने लगी है। ऐसे में वह मुख्यमंत्री को उन्हें बदलने की राय दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में मुख्यमंत्री और मंत्रियों में मंत्रणा चल रही है।

संभव है, जल्द ही इस पर कोई फैसला हो सकता है। क्योंकि, अनिल खाची की जगह कौन लेगा, इसको लेकर फिलहाल सहमति बनती नहीं दिख रही है। खाची की नियुक्ति राज्य चुनाव आयुक्त के पद पर होगी या फिर वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे। इस संबंध में भी अभी तक स्थिति साफ नहीं है। उधर, इस बारे में मुख्यमंत्री से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सके। 
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गुणवत्ता पर सवाल: एक किलो उड़द में निकले 100 से 150 ग्राम कंकड़

हिमाचल प्रदेश में सरकारी डिपुओं में मिलने वाली दालों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। एक किलो उड़द में 100 से 150 ग्राम कंकड़ निकल रहे हैं। मामला जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की जामना पंचायत में सामने आया। यहां सस्ते राशन की दुकान पर उड़द की दाल में भारी मात्रा में कंकड़ निकल रहे हैं। जब ग्रामीणों ने विभाग से शिकायत की तो अधिकारी जांच करने भी नहीं आए। कहा कि पांवटा-शिलाई सड़क बंद है। 

जामना निवासी दलीप सिंह, सोम चंद, जय पाल, राजेश, सतपाल, रघुबीर सिंह, कुलदीप, डीआर चौहान ने बताया कि बुधवार को ग्रामीणों ने जामना राशन डिपो से सामान लिया। घर में उन्होंने उड़द दाल के पैकेट खोले तो उसमें कंकड़ ज्यादा दिखाई दिए। ग्रामीणों ने एक-दूसरे से इस बारे में संपर्क किया तो सभी के दालों में कंकड़ निकल रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि निम्न गुणवत्ता का राशन देकर सरकार लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रही है।

राशन की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो ग्रामीण विभाग और सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा। डिपो होल्डर से बात की तो डिपो होल्डर ज्ञान सिंह ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। खाद्य आपूर्ति विभाग के पांवटा स्थित निरीक्षक राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हें इस बारे में शिकायत मिली है। एनएच 707 बड़वास में बंद है, जिस कारण जामना में जाना संभव नहीं है। सड़क खुलते ही जामना में जाकर सैंपल लिए जाएंगे।
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हिमाचल ने सालों बाद वापस ली बीबीएमबी से 45 बीघा जमीन

एनडीआरएफ बटालियन को आवासीय सुविधा देने के लिए हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला प्रशासन ने सुंदरनगर के सलापड़ में बीबीएमबी के कब्जे वाली वर्षों से खाली पड़ी 45 बीघा भूमि के अधिग्रहण को लेकर आदेश जारी किए हैं। वर्षों से हिमाचल की यह जमीन बीबीएमबी के पास थी। यहां अवैध कब्जे भी होने लगे थे। जमीन के वापस मिलने के बाद अब प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार प्रशासन ने एनडीआरएफ बटालियन को आवासीय सुविधा देने की कवायद शुरू कर दी है।

जिससे पांच जिलों में आपदा के समय बटालियन की आवाजाही आसानी से हो सकेगी।  वर्तमान में एनडीआरएफ की बटालियन मंडी-पठानकोट एनएच पर पधर स्थित ट्राइबल आवास में है। यहां एक हजार से अधिक बटालियन के जवान रुके हैं। सुंदरनगर में शिफ्ट होने के बाद बटालियन आसानी से मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के लिए रवाना हो सकेंगी। प्रदेश सरकार ने एनडीआरएफ की बटालियन के लिए बैहना में जमीन चिन्हित की है, जिसे लेकर एफसीए स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। इसमें अभी कुछ समय लग सकता है।

ऐसे में मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को एनडीआरएफ की आवासीय जरूरतों के लिए फौरी तौर पर उपयुक्त भूमि मुहैया करवाने के निर्देश दिए थे। एनडीआरफ बटालियन 14वीं वाहिनी का स्थायी हेड क्वार्टर भी मंडी में प्रस्तावित होना है। प्रदेश में एनडीआरएफ की तीन समर्पित यूनिट स्थापित की जा रही हैं। ये आपदा के समय रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देंगी। यूनिट रामपुर, नूरपुर (जाच्छ) और बद्दी बरोटीवाला में स्थापित की जाएंगी। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में एनडीआरएफ बटालियन की 7वीं वाहिनी भटिंडा परिचालन का कार्य संभाल रही है। डीसी अरिंदम चौधरी ने आदेश जारी करने की पुष्टि की है।
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फर्जी ऋण मामला: कांगड़ा बैंक के लिपिक, पूर्व प्रबंधक और सहकारी सभा सचिव पर केस दर्ज

डीसी मंडी अरिंदम चौधरी
 हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है। फर्जी खाता बनाकर 20 लाख का ऋण लेने का तीसरा मामला न्यायालय से पुलिस थाना तलाई में छानबीन के लिए पहुंचा है। अभी तक करीब 66 लोगों ने कोर्ट में धोखाधड़ी से लोन लेने पर कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों और सभा के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए याचिका दायर की है। 

तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में 33 करोड़ रुपये का गबन ऑडिट में सामने आया था जो न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि विभागीय जांच में गबन का आंकड़ा 38 करोड़ पहुंच गया है। मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र के करीब 6 दर्जन लोगों के एक साथ कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक की लठयानी और बंगाणा शाखा में धोखाधड़ी से लोन के खाते बनाए गए हैं। धोखाधड़ी के सामने आने के बाद एक खाताधारक ने डेढ़ साल पहले आत्महत्या कर ली थी।

चालक का कार्य करने वाले झबोला निवासी योगेंद्र सिंह ने सभा के पूर्व सचिव राजेश पटियाल, कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक के सीनियर लिपिक सुरेंद्र पाल और पूर्व बैंक प्रबंधक जगदेव पटियाल के खिलाफ घुमारवीं न्यायालय के माध्यम से पुलिस थाना तलाई में शिकायत दर्ज करवाई है। बताया कि 2017 में तत्कालीन तलाई ग्राम सेवा सहकारी सीमित के सचिव राजेश कुमार पटियाल ने उससे कहा कि कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक ने हॉउस लोन की एक योजना चला रखी है।

कम ब्याज के साथ 20 फीसदी सब्सिडी मिल रही है। कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक लठियाली में तैनात सीनियर लिपिक  सुरेंद्र पाल तलाई सहकारी सभा के कार्यालय में आया और उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके कुछ समय बाद सुरेंद्र पाल फिर सहकारी सभा के कार्यालय में आया और बताया कि आपके कागज अधूरे होने के कारण लोन रद्द हो गया है।

काफी समय बीत जाने के बाद कांगड़ा बैंक से नोटिस आने पर पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। उसने पुलिस को बताया कि  कोई लोन नहीं लिया है। जाली खाता बनाकर खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं। इस पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। डीएसपी घुमारवीं अनिल ठाकुर ने बताया कि न्यायालय के आदेशों पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ 418, 420, 465, 466, 467, 468, 471, 477ए,120बी व 34 आईपीसी के तहत मामला पंजीकृत करके छानबीन शुरू कर दी है।
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कोरोना: 21 दिन बाद हिमाचल में चार संक्रमितों की मौत, 10 बच्चों समेत 240 पॉजिटिव

हिमाचल में कोरोना के मामलों में हो रही बढ़ोतरी ने सरकार और स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को प्रदेश में 21 दिन बाद चार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई। इससे पहले 13 जुलाई को चार मरीजों ने दम तोड़ा था।

मृतकों में जिला मंडी का 40 वर्षीय व्यक्ति, जिला शिमला का 70 वर्षीय बुजुर्ग, जिला ऊना की 64 वर्षीय महिला और जिला कांगड़ा की 73 वर्षीय महिला शामिल है। वहीं, प्रदेश में बुधवार को 240 कोरोना के नए मामले आए हैं।

इनमें से मंडी 73, चंबा 45, शिमला 23, कांगड़ा 21, हमीरपुर 18, कुल्लू 18, बिलासपुर 15, ऊना 11, सोलन सात, सिरमौर चार, किन्नौर तीन और लाहौल-स्पीति में दो नए मामले आए हैं।

मंडी में छह और हमीरपुर में चार बच्चों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। नादौन के धनेटा वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की शिक्षिका की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। एहतियात के तौर पर बुधवार को एक दिन के लिए स्कूल बंद रखा गया। 

 बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में 145 मरीज ठीक हुए हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 201773 पहुंच गया है। इनमें से 201773 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय मामले 1508 हो गए हैं। अब तक 3511 संक्रमितों की मौत हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना की जांच के लिए 13990 सैंपल लिए गए।

किस जिले में कितने सक्रिय मामले
बिलासपुर       60
चंबा             300
हमीरपुर         97
कांगड़ा         235
किन्नौर         19
कुल्लू          113
लाहौल-स्पीति  19
मंडी              316
शिमला         226
सिरमौर         16
सोलन          58
ऊना             49
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हिमाचल में 70 प्रतिशत पात्र आबादी को लगाई कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक

हिमाचल प्रदेश में 70 प्रतिशत से अधिक आबादी को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। सरकार ने 55 लाख के करीब लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें से अब तक 38,90,475 लोगों को पहली और 13,10,577 लोगों को दूसरी खुराक दी गई है। राज्य में अब तक कुल 52,01,052 डोज वैक्सीन की लगाई जा चुकी है।

स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में 16,73,850 युवाओं को वैक्सीन की पहली, 6547 को दूसरी खुराक, 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 19,05,265 लोगों को पहली खुराक और 11,82,541 लोगों को दूसरी खुराक लगाई जा चुकी हैं।

इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता श्रेणी में 86,956 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक और 72263 लोगों को दूसरी खुराक जबकि अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता श्रेणी में 2,28,738 लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक और 51,198 लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक 04 अगस्त 2021 तक लगाई जा चुकी है।
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कोरोना नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री जयराम ने 10 अगस्त को बुलाई कैबिनेट बैठक

विधानसभा मानसून सत्र: सूखे, भारी बारिश और बर्फबारी से हिमाचल को 1585 करोड़ का नुकसान, 222 की मौत

हिमाचल प्रदेश में सूखे, भारी बारिश और बर्फबारी से करीब 1585 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बागवानी को 300 करोड़, सड़कों और पुलों को 451 करोड़, पेयजल योजनाओं को 187 करोड़, बारिश से फसलों, पशुओं व मकानों को कुल 645 करोड़, सड़कों और पुलों को 451 करोड़ रुपये की क्षति है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से 222 लोगों की मौत हो गई और 12 लोग लापता हैं। भारी बारिश और बाढ़ से 1152 मकान क्षतिग्रस्त हुए और 442 पशु मारे गए हैं। राज्य सरकार ने वित्तीय मदद के लिए केंद्र को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। विधानसभा में बागवानी, राजस्व और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने यह जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि केंद्र के पास नदियों और नालों के चैनलाइजेशन का पांच हजार करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए प्रस्तावित है। सरकार आपदा प्रबंधन कमेटियों में क्षेत्र के विधायकों को भी सदस्य बनाने पर विचार करेगी। सुरक्षा के दृष्टिगत रामपुर से किन्नौर के लिए वैकल्पिक मार्ग जरूरी है, क्योंकि सतलुज के किनारे वर्तमान रास्ता खतरे की जद में है। विधानसभा में नियम 130 के तहत बुधवार को जलवायु परिवर्तन के कारण कभी सूखा और भारी बारिश से नुकसान पर विधायक इंद्र दत्त लखपाल, विशाल नैहरिया, बलबीर वर्मा, जिया लाल और अन्य सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया।

12 सौ करोड़ से चैनलाइजेशन का और प्रोजेक्ट केंद्र को भेजेंगे।  राज्य की नौ सौ पेयजल स्कीमों पर सूखे की मार पड़ी है। इस बार सरकार ने पेयजल आपूर्ति के लिए एक भी पानी का टेंडर नहीं लगाया। लोगों को पानी देने के लिए बड़ी पेयजल योजनाओं से जोड़ा गया था। विधायक रमेश धवाला का सुझाव अच्छा है कि जल संग्रहण के छोटे टैंकों की रेत नीलाम करके लोगों की जरूरतें भी पूरी होगी और सरकार को आय भी होगी। मंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र लाहौल के लिए सरकार ने 70 करोड़ जारी किए हैं। भेड़-बकरी की मौत पर तीन हजार रुपये प्रति पशु मुआवजा दिया जाता है।
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