खाना न मिलने से शहर में हमलावर हो गए बंदर

Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 09:51 PM IST
monkey
विज्ञापन
ख़बर सुनें
एक हफ्ते में एक दर्जन लोगों को काटा, कुफ्टाधार में बंदरों के हमले में एक महिला हो गई थी मौत
विज्ञापन

शिमला। राजधानी में उत्पाती बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। लॉकडाउन में भूखे रहे बंदर अब शहर के बीच पहुंचकर लोगों से छीनाझपटी कर रहे हैं। एक हफ्ते में एक दर्जन से अधिक लोगों को बंदर काट रहे हैं। वीरवार को कुफ्टाधार इलाके में एक महिला बंदर के हमले के कारण छत से नीचे गिर गई थीं। इस हादसे में महिला की जान चली गई।
रिज और मालरोड एरिया में भी बंदरों के कई झुंड सक्रिय हो गए हैं। राजधानी में इन दिनों बंदरों का उत्पात बढ़ने के कई कारण हैं। एक तो बंदरों को अभी भी भरपेट खाना नहीं मिल पा रहा है। शहर के कोर एरिया में पहले सभी ढाबे और होटल खुले रहते थे। इनसे निकलने वाला वेस्ट खाना बंदरों को मिल जाता था। लेकिन अब ये सभी बंद है। दूसरा खुले में कूड़ेदान भी अब कम है। ऐसे में बंदरों को खाने के लिए भटकना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग लॉकडाउन के चलते अपने गांव लौट गए हैं। ऐसे में शहर में कम ही लोग हैं।

रिहायशी कालोनियों में भी खाने की कमी के कारण बंदर भूख से उग्र हो रहे हैं क्योंकि यह जंक फूड खाने के आदी हो चुके हैं, इसीलिए यह जंगलों का भी पलायन नहीं कर रहे। ऐसे में शहरवासियों को इन दिनों सावधानी बरतने की भी जरूरत है।
अभी नहीं पकड़े जा रहे बंदर
शहर में अभी उत्पाती बंदरों को नहीं पकड़ा जा रहा। शिकायत के बावजूद वन विभाग के हाथ खड़े हैं। विभाग का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए मेरठ से स्पेशल टीमें आती हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण आजकल कोई नहीं आ रहा। ऐसे में शहर में बंदरों को पकड़ने का काम बंद है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00