लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kalaamb company made fake supply of spirit in the name of sanitizer, revealed in State Tax and Excise Department

बड़े खेल का खुलासा: कालाअंब की कंपनी ने की सैनिटाइजर के नाम पर स्प्रिट की फर्जी सप्लाई

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 04 Feb 2022 09:17 PM IST
सार

जांच में पाया कि यह स्प्रिट न तो इन्होंने मंगवाई और न ही आपूर्ति उन्हें पहुंचाई गई। आशंका है कि इसकी आपूर्ति अवैध शराब बनाने के लिए कहीं अन्यत्र की गई है। तमाम दस्तावेजों को मिलाने के बाद आबकारी विभाग ने इस फर्म के खिलाफ साक्ष्य मिलने की बात की है और अब इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। 

सैनिटाइजर(प्रतीकात्मक तस्वीर)
सैनिटाइजर(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार

जहरीली शराब मामले में राज्य कर एवं आबकारी विभाग के चल रहे ताबड़तोड़ छापों की कड़ी में एक और खुलासा हुआ है। सैनिटाइजर के नाम पर सिरमौर के कालाअंब की एक कंपनी फर्जी तरीके से स्प्रिट की सप्लाई करती रही। कागजों में फर्जी तौर पर सैनिटाइजर के नाम पर स्प्रिट पपरोला कॉलेज और सीएमओ धर्मशाला को भेजा दर्शाया गया है। जांच में पाया कि यह स्प्रिट न तो इन्होंने मंगवाई और न ही आपूर्ति उन्हें पहुंचाई गई। आशंका है कि इसकी आपूर्ति अवैध शराब बनाने के लिए कहीं अन्यत्र की गई है। तमाम दस्तावेजों को मिलाने के बाद आबकारी विभाग ने इस फर्म के खिलाफ साक्ष्य मिलने की बात की है और अब इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।  आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस के अनुसार कालाअंब में की कार्रवाई में यह पाया गया है कि कंपनी ने हैंड सैनिटाइजर की एक खेप पपरोला कॉलेज को भेजने की बात की है। इसकी कीमत 7.50 लाख रुपये है। इसी तरह इसी फर्म ने हैंड सैनिटाइजर की तीन खेप राजीव गांधी आयुष मेडिकल कॉलेज पपरोला के नाम पर भेजी हैं।



इन सभी की कीमत 51 लाख रुपये है। विभाग ने यह सारा डाटा ईवे बिल सिस्टम से निकाला है। जब इसकी पड़ताल करवाई तो संबंधित अधिकारियों ने लिखित में सूचित किया कि उन्होंने ऐसी कोई भी सप्लाई नहीं मंगवाई है और न ही प्राप्त की है। कुल अवैध सप्लाई 58.50 लाख रुपये की है, जिससे लगभग एक लाख बल्क लीटर स्प्रिट खरीदी जा सकती है। इससे लगभग 37 से 40 हजार पेटी शराब का उत्पादन किया जा सकता है। इस दौरान पाया गया कि इस फर्म ने सीएमओ धर्मशाला को हैंड सैनिटाइजर की चार खेप नवंबर व दिसंबर 21 में भेजी हैं। राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस ने शुक्रवार को शिमला में बताया कि विभाग ने जिला सिरमौर के कालाअंब स्थित एक औद्योगिक परिसर डच फॉर्मूलेशन में विभाग के संयुक्त आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी उज्जवल राणा के नेतृत्व में निरीक्षण किया। 


परिसर में किसी भी प्रकार का कोई उत्पाद तैयार नहीं किया जा रहा
- जिला मंडी स्थित गोवर्धन बॉटलिंग प्लांट में निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ते हुए पाया कि इस कंपनी के परिसर में किसी भी प्रकार का कोई उत्पाद तैयार नहीं किया जा रहा था। इस इकाई के पास ड्रग अथॉरिटी की ओर से कोई लाइसेंस जारी नहीं है। इस यूनिट ने वर्ष 2020-21 में 8.06 करोड़ की परचेज ई वे बिलों में की है और लगभग 4.77 करोड़ की बिक्री दिखाई है। दोनों में कुल अंतर 3.39 करोड़ बनता है। जिसका कोई भी स्टॉक परिसर में नहीं पाया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00