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कैबिनेट के 20 बड़े फैसले: हजारों कर्मी हुए रेगुलर, किसानों-डॉक्टरों को भी तोहफे

ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 18 Feb 2017 03:13 PM IST
HP Govt Cabinet Meeting 20 Big Decisions.
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हिमाचल सरकार की कैबिनेट ने हजारों कर्मियों को रेगुलर कर दिया है। बैठक में किसानों के कब्जे, डॉक्टरों के मैडीपर्सन एक्ट, बीमा स्कीम जैसे कई बड़े फैसले लिए गए हैं। आइए एक एक कर आपको ये सारे फैसले बताते हैं-



कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

कैबिनेट ने उच्च और प्रारंभिक शिक्षा विभागों में वर्ष 1996 और वर्ष 2001 नीति के तहत कार्यरत लगभग 3000 दैनिकभोगी जलवाहकों, सेवादारों और अशंकालिक जलवाहकों की सेवाएं नियमित करने को भी मंजूरी दी।

 

इससे राज्य पर 60 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जिन्होंने 31 मार्च 2016 तथा 30 सितंबर 2016 को 14 वर्ष का नियमित सेवाकाल पूरा कर लिया है, उन्हें प्रदेश भर में उपलब्ध रिक्तियों के खिलाफ सेवादार चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियमित किया जाएगा।


तीन और अफसरों को मिलेगा एपेक्स स्केल
मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि प्रदेश में आईएएस काडर के तहत अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर का एपेक्स स्केल मिलेगा। ग्रेड में तीन अतिरिक्त पदों को स्वीकृति दी गई। ये स्केल वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डा. एजीवी प्रसाद, तरुण कपूर और निशा सिंह को मिलेगा।

किसानों को राहत देने के लिए लिया गया ये बड़ा फैसला

सरकारी जमीन कब्जाने वालों के लिए हिमाचल सरकार ने नई स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम के तहत पांच बीघा तक के अवैध कब्जों को राज्य सरकार रेगुलर करेगी। 10 बीघा तक की कुल जमीन वाले छोटे और सीमांत किसानों को ही इस स्कीम का लाभ मिलेगा।

शुक्रवार को हिमाचल मंत्रिमंडल ने इस नई स्कीम को मंजूरी दे दी। इसका लाभ प्रदेश के लाखों किसानों और भूमिहीनों को मिल सकता है। हालांकि, इस स्कीम को लागू करने के लिए राज्य सरकार को हिमाचल हाईकोर्ट से अनुमति लेनी पड़ेगी।

कैबिनेट ने ऐसी सरकारी भूमि पर जरूरतमंद लघु एवं सीमांत किसानों और भूमिहीनों को मालिकाना अधिकार प्रदान करने के लिए योजना-2017 को मंजूरी दे दी। प्रदेश विधानसभा ने 28 अगस्त 2015 को एक प्रस्ताव पास किया था।

जिसमें तय किया था कि हालांकि हिमाचल सरकार सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर उपयुक्त वैधानिक कार्रवाई करेगी, लेकिन साथ ही सरकार लघु एवं मझोले किसानों, भूमिहीनों, आवासहीनों, गरीबों और समाज के पिछड़े वर्गों के कल्याण के प्रति भी संवेदनशील है।

विधानसभा में पारित प्रस्माव में कहा गया था कि मजूबरी और बेबसी के कारण समाज के ऐसे तमाम वर्गों ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया है। ऐसे किसानों और भूमिहीनों की समस्याओं के दृष्टिगत सदन ने उन्हें राहत प्रदान करने के लिए एक उपयुक्त नीति बनाई जानी चाहिए। मंत्रिमंडल ने इसी प्रस्ताव के बाद हाई पॉवर कमेटी की ओर से तैयार स्कीम को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। 

आखिरकार पूरी हुई डॉक्टरों की मांग, कैबिनेट ने दी एक्ट को मंजूरी

अस्पतालों में हिंसा को सरकार गैर जमानती अपराध बनाएगी। हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने चिकित्सा सेवा से जुड़े व्यक्तियों जैसे डाक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध हिंसा रोकने और राज्य में चिकित्सा सेवा संस्थानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के अपराध पर कारावास, जुर्माने की सजा होगी।

चिकित्सा सेवा संस्थानों में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए क्षतिपूर्ति की अदायगी करने का प्रावधान करने का भी फैसला लिया गया। इसे संज्ञेय और गैर जमानती अपराध बनाने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में प्रारूप विधेयक (हिंसा रोकने एवं संपत्ति को नुकसान पर अंकुश लगाने संबंधी अधिनियम-2009) पेश करने को भी राज्य सरकार ने अपनी मंजूरी प्रदान की।

बाबा रामदेव को झटका, जमीन पर लिया गया ये फैसला

वहीं, कोर्ट से केस वापस लेने के बाद ही प्रदेश सरकार बाबा रामदेव को साधुपुल में जमीन लीज पर देगी। मंत्रिमंडल की बैठक में शुक्रवार को इस मामले में विस्तृत चर्चा हुई। इसमें इस फैसले पर सहमति बनी है। भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान बाबा रामदेव को साधु पुल में 96.2 बीघा जमीन शैक्षणिक गतिविधियों और एनसीसी कार्यों के संचालन के लिए लीज पर दी गई थी।

हिमाचल सरकार ने इस जमीन को कब्जे में ले लिया था। पंतजलि ट्रस्ट की ओर से आवेदन करने पर इस मामले को कैबिनेट में लाया गया था। साधुपुल में यह जमीन शुरू से ही विवादों में रही है। स्थानीय लोगों ने भी समय समय पर इसका विरोध किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और बाबा के समर्थकों में काफी समय तक कहासुनी तक हुई।

लेकिन बाद में पुलिस और जिला प्रशासन ने इस भूमि को कब्जे में ले लिया था। बाबा को भूमि लीज पर देने और बाद में लीज को रद्द कर भूमि को कब्जे में लेने का मामला न्यायालय तक चला। गौरतलब है कि पतंजलि ट्रस्ट ने सरकार से इस जमीन को ट्रस्ट को वापस देने के लिए आवेदन किया था।

यह आवेदन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यालय भेजा गया है। इसे मुख्यमंत्री कार्यालय से राजस्व विभाग को भेज दिया है। राजस्व विभाग ने जमीन वापस ट्रस्ट को देने का प्रस्ताव तैयार कर दिया है। इसे मंजूरी के लिए राजस्व विभाग की ओर से कैबिनेट में लाया गया। जिसे सशर्त जमीन देगी पर फैसला लिया गया।

हिमाचल की बेटियों को भी बड़ा तोहफा

बाहर विवाह करने वाली महिलाएं भी होंगी हिमाचली बोनाफाइड 
हिमाचल से बाहर विवाह करने वाली महिलाएं भी हिमाचली बोनाफाइड होंगी। शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की ऐसी महिलाओं को हिमाचली प्रमाणपत्र जारी करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया, जिन्होंने हिमाचल से बाहर स्थायी आवास वाले व्यक्ति से शादी कर ली है। ये निर्णय उन्हें आजीवन सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया।

रेहड़ी फड़ी वालों को बसाएगी सरकार
प्रदेश सरकार ने हिमाचल के रेहड़ी और फड़ी वालों को बसाने का फैसला लिया है। कैबिनेट ने बैठक में आजीविका संरक्षण तथा रेहड़ी- फ हड़ी नियम अधिनियम - 2014 के तहत हिमाचल प्रदेश स्ट्रीट वेंडर्स स्कीम - 2016 को स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के तहत सरकार इन लोगों के लिए दुकानें बनाएगी ताकि यह लोग अपनी आजीविका कमा सके। हिमाचल के सोलन, शिमला, धर्मशाला, हमीरपुर में इन लोगों की संख्या ज्यादा है। यह लोग काफी समय से सड़क के किनारे अपनी दुकानें लगाए हुए हैं। इन उचित स्थान पर बसाया जाएगा। 

मिशलेनियस एडवेंचर एक्टिीविटिज निमय बनाने को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश मिशलेनियस एडवेंचर एक्टिविटिज नियम - 2017 को बनाने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में हिमाचल प्रदेश मेडिकल एजुकेशन सर्विस नियम -1999 में संशोधन, एसोशिएट प्रोफेसर के पदों के लिए  भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन और छूटे गए विभागों में स्नातकोत्तर योग्यता को शामिल करने का निर्णय लिया गया।

ये कर्मचारी भी आएंगे अनुबंध पर, यहों खुलेंगे स्वास्‍थ्य केंद्र

मंत्रिमंडल की बैठक में आईजीएमसी शिमला तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा के रोगी कल्याण समिति के कर्मचारियों को सरकारी अनुबंध पर लाने को स्वीकृति दी। राज्य में मेडिकल विश्वविद्यालय की स्थापना के संबंध में मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तावित प्रारूप योजना लाने का निर्णय लिया।

बैठक में मानदंडों के अनुरूप राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में पदों के सृजन तथा इन्हें भरने की स्वीकृति दी। विभिन्न सरकारी /निजी महाविद्यालयों से बीएससी/एमएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष कर रहीं 43 स्टाफ नर्सों को ज्वाइनिंग टाइम में बढ़ोतरी देने का निर्णय लिया। 

ऊना के बीटन तथा कांगड़ा के पठियार और सेराथाना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने को मंजूरी दी गई। कांगड़ा के ज्वालामुखी स्थित नागरिक अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने, कांगड़ा जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कस्बा कोटला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा ऊना जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुसाड़ा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्न्त करने,

जरूरी स्टाफ सहित शिमला जिले के स्वास्थ्य उपकेंद्र कियारा तथा सैंज को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने और आईजीएमसी शिमला में फिजियोथैरेपिस्ट के तीन पद तथा टांडा में दो पदों के सृजन तथा इन्हें भरने को स्वीकृति दी गई।

आम आदमी को बड़ा तोहफा, बस एक रुपए में बीमा

हिमाचल के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य बीमा कवर देने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने बैठक में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत लाभार्थी को प्रतिदिन 1 रुपये के हिसाब से साल में 365 रुपये देने होंगे। इसके बाद अस्पताल में भर्ती रोगी को तीस हजार तक स्वास्थ्य बीमार कवर मिलेगा।

इसके अलावा गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने पर 1.75 लाख का क्रिटिकल देखरेख पैकेज भी सरकार की ओर से मिलेगा। सूत्रों के अनुसार इस स्कीम से प्रदेश के करीब पांच लाख सत्तर हजार परिवारों को फायदा होगा। ये वे लोग होंगे, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई), मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा योजना अथवा अन्य चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना के दायरे में नहीं आते।

प्रदेश में अभी तक लोगों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य सेवा योजना जैसी सेवाओं के जरिये निशुल्क चिकित्सकीय लाभ दिलाया जाता था। इनमें अलग-अलग वर्ग और श्रेणी के लोगों को रखा जाता था।

ऐसे में सामान्य और लोअर मिडल क्लास के लोग वंचित रह जाते थे। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बीते बजट सत्र में प्रदेश में यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम लागू करने की घोषणा की थी। 

मंत्रिमंडल ने ये भी बड़े फैसले लिए, जनता को राहत

पंचायत पशुधन पुरस्कार योजना को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने पंचायत पशुधन पुरस्कार योजना को स्वीकृति प्रदान की। इस योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में उन दो पंचायतों, जिन्होंने पशुओं का 100 प्रतिशत पंजीकरण तथा टैटू निशान लगाए हैं और पशुओं को आवारा छोड़ने का कोई मामला नहीं है। उन्हें 5-5 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

धर्मशाला नगर निगम में शामिल हुए पंचायतों को टैक्स में छूट
बैठक में ग्राम पंचायत मंत, उपरली बडोल, सकोह, जटेहर, सिद्धपुर, खनियारा, गबलीडारी, सिद्धबाड़ी तथा धर्मशाला नगर निगम के साथ लगते क्षेत्रों को भूमि तथा भवनों पर कर रियायत को मंजूरी प्रदान की गई। ये क्षेत्र नगर निगम के निर्माण के बाद नगर निगम परिधि में शामिल किए गए हैं।

आधार लिंक डाकघर बचत खातों से सामाजिक सुुरक्षा पेंशन देने को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण मनीआर्डर से आधार लिंक डाकघर बचत खातों के माध्यम से करने को अपनी मंजूरी प्रदान की। सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन खाते 31 मार्च, 2017 तक आधार से जुड़ जाएंगे।

पंचायतों पर भी मेहरबान हुई सरकार, देगी 10 लाख

बेहतर लिंग अनुपात वाली पंचायतों को मिलेगी 10 लाख 
महिला- पुरुष लिंग अनुपात के संतुलन को बनाए रखने तथा लड़कियों के समग्र विकास के लिए बेहतर माहौल प्रदान करने के लिए मंत्रिमंडल ने पंचायत बालिका गौरव पुरस्कार योजना को स्वीकृति प्रदान की। इसके तहत श्रेष्ठ लिंग अनुपात बनाए रखने के लिए पंचायत को 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

सराहन भीमा काली मंदिर के आसपास जमीन का होगा अधिग्रहण
बैठक में शिमला जिले के सराहन स्थित भीमा काली मंदिर के आस-पास की भूमि का अधिग्रहण कला, भाषा एवं संस्कृति विभाग के नाम करने का निर्णय लिया। यह निर्णय मंदिर का संरक्षण करने तथा इसके सौंदर्यकरण की संभावना तथा सुरक्षा के दृष्टिगत लिया गया।

50 हजार तक का फर्नीचर खरीद सकेंगी पंचायतें 
प्रदेश सरकार ने पंचायत, पंचायत समितियां और जिला परिषद, ग्राम समितियां और पंचायतें को फर्नीचर खरीदने की वित्तीय शक्तियों में इजाफा किया है। मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को पंचायतीराज वित्त, ऑडिट, कार्य, कराधान व भत्ते नियम 2002 में संशोधन की स्वीकृति प्रदान करते हुए अब पंचायतें अपने स्तर पर कार्यालय के लिए 5 हजार की जगह 50 हजार तक के फर्नीचर की खरीद कर सकती हैं।

पंचायत समिति अपने स्तर पर अब 10 हजार की जगह 1 लाख तक का फर्नीचर कार्यालय प्रयोग के लिए खरीद सकती है। इसी तरह जिला परिषद भी 20 हजार के स्थान पर अब अपने स्तर पर डेढ़ लाख तक का फर्नीचर खरीद सकती है। इससे अधिक की फर्नीचर खरीदने के लिए इन संस्थाओं को जिला पंचायत अधिकारी और ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के निदेशक से मंजूरी लेनी होगी।

तकनीकी सहायक पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों के 3 लाख तक के एस्टीमेट तैयार करने के साथ तकनीकी मंजूरी प्रदान कर सकते हैं। इसी तरह से मेजरमेंट बुक में भी अब 3 लाख की एंट्री कर सकते हैं। पंचायतीराज संस्थाओं की ओर से लगाए जाने वाले सेनिटेशन टैक्स, हाऊस टैक्स व सर्विस टैक्स के खिलाफ जनता अपील कर सकती है।

मार्च से डिपुओं में बदलेगा दालों का शेड्यूल 

हिमाचल में मार्च महीने से डिपुओं में दालों का शेडयूल बदल जाएगा। सरकार माश, मूंग, चना, मलका और मसूर पांच दालों में से उपभोक्ताओं को तीन दालें देगी। पहले उपभोक्ताओं डिपुओं में एक मोटी, एक पतली और मीडियम किस्म की दाल दी जाती थी।

सरकार ने इस पॉलिसी को विदड्रा कर पांच दालों में से तीन दालें देने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई। खाद्य तेल खरीद और वितरण को भी मंजूरी दी गई। 

कैबिनेट ने दी मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना को मंजूरी
साल 2016 के बजट भाषण में मुख्यमंत्री की ओर से की गई प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में दो-दो मॉडल स्कूल बनाने की घोषणा को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू हो गया। शुक्रवार को कैबिनेट ने इस योजना को शुरू करने की मंजूरी दे दी। ‘अमर उजाला’ ने चार फरवरी के अंक में ‘बजट घोषणा के साल बाद भी सूबे में नहीं बना कोई आदर्श स्कूल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर अफसरशाही के सुस्त रवैये को उजागर किया था।

योजना में प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनने थे और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जाना था। कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर देने के लिए पहले चरण में हर विधानसभा क्षेत्र में दो मॉडल स्कूल खुलने थे। योजना के सफल रहने पर मॉडल स्कूलों की संख्या बढ़ाई जानी है।

ये तीन बड़े फैसले भी लिए कैबिनेट ने

वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
कैबिनेट ने प्रदूषण मुक्त पर्यावरण, पौधरोपण के प्रोत्साहन, सड़कों के किनारे इसकी देखभाल तथा आंशिक रूप से पोषित सड़क सुरक्षा गतिविधियों के लिए वैकल्पिक ईंधन जैसे एलपीजी तथा सीएनजी के प्रयोग को प्रोत्साहन, सुनियोजित, सुरक्षित यातायात तथा सार्वजनिक परिवहन प्रदान करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश परिवहन अधोसंरचना विकास निधि को स्वीकृति दी। बैठक में हिमाचली उद्यमियों को 5500 किलोवाट क्षमता तक के 55 स्वचिह्नित लघु जल विद्युत परियोजनाएं आवंटित करने का निर्णय लिया गया।

निवेशकों को मिलेगी राहत
साथ ही नए निवेशकों को आकर्षित तथा उद्योग अनुकूल पर्यावरण प्रदान करने के दृष्टिगत मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विद्युत (कर) अधिनियम 2009 के अंतर्गत वर्तमान उद्योगों को पर्याप्त विस्तार के लिए राज्य से प्रोत्साहन की स्वीकृति प्रदान। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुसार पर्याप्त विस्तार करने वाले उद्योगों को नए उद्योगों के समानांतर घटाए गए विद्युत कर का लाभ प्रदान किया जाएगा। पर्यटन विभाग को भी इसके अंतर्गत लाने का निर्णय लिया गया। इको टूरिज्म पॉलिसी.2017 को संशोधित करने को स्वीकृति दी गई। इसमें पीपीपी परियोजना सीधे तौर पर वन विभाग द्वारा दी जाएगी तथा एचपीटीडीसी को वन विभाग पर प्राथमिकता दी जाएगी।

शिमला में बनेगा एक और आईटी पार्क
बैठक में शिमला स्थित आईटी भवन मैहली के नजदीक साफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क ऑफ  इंडिया की इकाई की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा निदेशालय अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक मामले का नाम बदलकर निदेशालय अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा विकलांगता मामले करने का निर्णय लिया।

कैबिनेट की बैठक में सरकार ने इन दो प्रस्तावों को भी दी मंजूरी

योजना क्षेत्र होंगे गठित
मंत्रिमंडल ने किन्नौर जिला के सांगला तथा मंडी जिला के औट में योजना क्षेत्रों को गठित करने की स्वीकृति प्रदान की। साथ ही किन्नौर जिला के ही टापरी में नया उप तहसील कार्यालय खोलने को स्वीकृति भी प्रदान की। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित कांगड़ा जिला में डाडासीबा के ज्वालामुखी तथा मंडी जिला के संधोल में तहसील कल्याण कार्यालय सृजित करने, पूर्व में शिमला जिला के ठियोग तहसील में निजी तौर पर संचालित वशिष्ट संस्कृत विद्यापीठ, तुंगेश के शिक्षण तथा गैर शिक्षण स्टाफ  की सेवाओं को अधीनस्थ करने, प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 12 लाख रुपये तथा 10 लाख रुपये की अनुमानित लागत से पटवारखाना/कानूनगो भवन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की।

इसके अलावा स्टाफ  सहित किन्नौर के लिए रामपुर में तथा बद्दी (नालागढ़) में दो क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय खोलने, शिमला जिला के प्रगति नगर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय इंजिनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में एनसीवीटी के अंतर्गत ड्राफ्टमैन (सिविल) ट्रेड शुरू करने की भी मंजूरी दी गई।

पीएमएमवाई के लिए बनेगी प्रबंधन इकाई
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री इंदिरा आवास योजना में सुधार कर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके अलावा बैठक में शिमला जिले के सुन्नी में किसान प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना के लिए पंजाब नेशनल बैंक वृत्त कार्यालय शिमला के पक्ष में लीज डीड के क्रियान्वयन के लिए स्टैंप ड्यूटी तथा पंजीकरण शुल्क को समाप्त करने,

नगर पंचायत जोगिंद्रनगर को कार्यकारी अधिकारी के रूप में सचिव के पद सहित अपग्रेड कर नगर परिषद जोगिन्द्रनगर बनाने और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार आगामी शैक्षणिक सत्र से सिरमौर जिले के राजकीय महाविद्यालय हरिपुरधार में विज्ञान संकाय शुरू करने तथा शिक्षकों व गैर शिक्षकों के पदों के सृजन का निर्णय लिया। साथ ही मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के राजकीय महाविद्यालय शिवनगर का नाम स्वामी विवेकानंद ग्रामोदय राजकीय कालेज शिवनगर करने का निर्णय लिया।
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