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हिमाचल बजट: शिक्षा-स्वास्थ्य के लिए हुईं ये घोषणाएं, जानें किस वर्ग को क्या मिला

अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 06 Mar 2021 09:08 PM IST

सार

हिमाचल प्रदेश बजट 2021
सीएम जयराम ने पेश किया 50,192 करोड़ का बजट 
स्वास्थ्य, शिक्षा व बागवानी के लिए कई बड़ी घोषणाएं
 
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सीएम जयराम ने हिमाचल का बजट पेश किया।
सीएम जयराम ने हिमाचल का बजट पेश किया। - फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को वर्ष 2021-22 के लिए 50,192 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। प्रदेश के 268 स्कूलों और नौ कॉलेजों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय और स्वर्ण जयंती उत्कृष्ट विद्यालय और महाविद्यालय योजनाओं का दायरा बढ़ा दिया है। इसके लिए 63 करोड़ के बजट का प्रावधान भी किया गया है। योजना में स्कूल-कॉलेजों में स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे। शिक्षकों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाएगा।
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पानी, बिजली, पुस्तकालय, लेबोरेटरी और खेल मैदान की भी उचित व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को बजट भाषण के दौरान कहा कि प्रदेश के 100 स्कूलों को ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना में शामिल किया गया है। आसपास के स्कूलों में परस्पर सहयोग, संसाधनों के साझाकरण को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूल क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया गया है। चार से 12 स्कूलों को जोड़कर एक स्कूल क्लस्टर बनाया जाएगा। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या भी दूर हो जाएगी। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में क्लस्टर से शिक्षक भेजे जाएंगे।


स्कूल क्लस्टर बनाने से स्कूलों की कला, संगीत, खेल, व्यवसायिक विषयों, कंप्यूटर की शिक्षा और विषय से संबंधित शिक्षकों का आदान-प्रदान करना संभव होगा। पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल के मैदान, खेल उपकरण जैसी सुविधाएं साझा रूप से प्रयोग की जा सकेंगी।  उत्कृष्ट विद्यालय योजना में 68 स्कूलों और उत्कृष्ट महाविद्यालय योजना में नौ कॉलेजों को शामिल किया गया है। इन शिक्षण संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएगी। इन तीनों योजनाओं के लिए 63 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सरकार ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से 100 अन्य स्कूलों में भी सुविधाओं को बढ़ाएगी।

तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा में होगी परीक्षा
कक्षा तीसरी, पांचवीं और आठवीं में विद्यार्थियों को स्कूल परीक्षा देना अनिवार्य होगा। परीक्षा परिणाम के अनुसार ही इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में भेजा जाएगा। अभी तक शिक्षा का अधिकार में इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जाता था। प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के परिणामों का मूल्यांकन करने का फैसला लिया है।
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