लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Congress Two MLAs joined BJP in the presence of CM Jairam in Delhi

हिमाचल कांग्रेस को बड़ा झटका: विधायक पवन काजल और लखविंद्र राणा भाजपा में शामिल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 17 Aug 2022 10:41 PM IST
सार

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने कांग्रेस के नहले पर दहला फेंका है। भाजपा मुख्यालय में सदस्यता ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लखविंद्र राणा और पवन काजल के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। 

कांग्रेस विधायक लखविंद्र राणा और पवन काजल भाजपा में शामिल।
कांग्रेस विधायक लखविंद्र राणा और पवन काजल भाजपा में शामिल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

भाजपा ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। बुधवार को कांगड़ा से कांग्रेस के विधायक पवन काजल और नालागढ़ से विधायक लखविंद्र राणा पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। दोनों कांग्रेस विधायकों ने नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप विशेष रूप से मौजूद रहे। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने कांग्रेस के नहले पर दहला फेंका है। पिछले माह ही भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रहे खीमी राम ने कांग्रेस का हाथ थामा था। बुधवार को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में सदस्यता ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लखविंद्र राणा और पवन काजल के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप, संगठन महामंत्री पवन राणा और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जमवाल भी मौजूद रहे।


  यह मालूम रहे कि पवन काजल भाजपा में जिला परिषद के रास्ते आए, लेकिन भाजपा से टिकट न मिलने पर वह 2012 में कांगड़ा सीट से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उन्हें कांग्रेस में शामिल कर लिया था। वर्ष 2017 में वह दोबारा कांग्रेस के टिकट से विधानसभा चुनाव जीते। वहीं, नालागढ़ से कांग्रेस विधायक लखविंद्र राणा के खिलाफ पिछली बार वीरभद्र परिवार के करीबी रहे हरदीप सिंह बावा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। राणा को कांग्रेस ने टिकट दिया तो इंटक के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बावा हरदीप सिंह बागी हो गए थे। इससे पिछले पांच साल में कांग्रेस के अंदर राणा और बावा में खासा टकराव रहा। 

दोनों विधायक पार्टी की सदस्यता से निष्कासित 
उधर, भाजपा में शामिल होने के बाद हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने दोनों विधायकों को पार्टी की सदस्यता से छह-छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह फैसला कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला की मंजूरी के बाद लिया गया है और पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए दोनों विधायकों पर कार्रवाई की गई है। 

लखविंद्र के भाजपा में आने से नालागढ़ में बदले चुनावी समीकरण

 कांग्रेस विधायक लखविंद्र राणा के भाजपा में शामिल होने से नालागढ़ में चुनावी समीकरण बदल गए हैं। अब भाजपा और कांग्रेस में टिकट की जंग और तेज हो गई है। जहां कांग्रेस में एक ओर वीरभद्र गुट के बावा हरदीप सिंह के टिकट का रास्ता लगभग साफ हो गया है, वहीं भाजपा के पूर्व विधायक केएल ठाकुर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीते कुछ दिन पहले ही दोनों दलों की गुटबाजी खुलकर यहां पर सामने आ चुकी है। नालागढ़ में गुटबाजी के चलते कांग्रेस को अपनी रोजगार संघर्ष यात्रा भी स्थगित करनी पड़ी थी। वहीं, हर घर तिरंगा कार्यक्रम में तीन दिन पहले ही भाजपा के तीन धड़ों ने अलग-अलग रैली निकाली थी। 

नालागढ़ में भाजपा कई गुटों में बंटी है। इसमें पूर्व विधायक केएल ठाकुर, जिला सचिव श्रवण चंदेल और हरप्रीत सिंह सैणी ने अलग यात्राएं निकाल कर शक्ति प्रदर्शन किया था। अब राणा के भाजपा में आने से एक गुट ओर बन गया है। भाजपा के पूर्व विधायक केएल ठाकुर पिछले साढ़े चार साल तक जनता के बीच रहे। उन्हें टिकट मिलने की भी पूरी उम्मीद थी, मगर चुनाव से तीन माह पहले राणा की भाजपा में एंट्री से अब टिकट की जंग बढ़ गई है। पिछले चुनाव में राणा को 25,000 मत मिले थे और केएल ठाकुर 1250 वोटों से हारे थे। वहीं, कांग्रेस में हालांकि अब नालागढ़ से कोई बड़ा चेहरा सामने नहीं है। बावा हरदीप सिंह बीते कई माह से क्षेत्र में घूम रहे हैं। मगर लखविंद्र राणा के समर्थक उन्हें पहले ही नकार चुके हैं। वह उन्हें पार्टी से निकालने का प्रस्ताव तक हाईकमान को भेज चुके थे।  

पूर्व विधायक केएल ठाकुर का कहना है कि अभी वह नालागढ़ के भाजपा के प्रभारी है और सरकार व पार्टी की ओर से दिए जा रहे सभी कार्यों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं। दूसरी ओर लखविंद्र सिंह राणा ने कहा कि वह पहले भी भाजपा में ही थे और अब दोबारा वह भाजपा के लिए ही कार्य करेंगे। 

लखविंद्र राणा का सफर
लखविंद्र सिंह राणा वर्ष 1990 से 2003 तक भाजपा में ही रहे। इस दौरान वह मंडल और जिला अध्यक्ष के पद पर भी रहे। इस बीच विस चुनाव में टिकट की दौड़ में रहे लेकिन पूर्व मंत्री दिवंगत हरि नारायण सैणी को टिकट मिलने के बाद वर्ष 2005 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस में रहते हुए वर्ष 2011 में हरि नारायण सैणी के निधन के बाद हुए उप चुनाव में राणा पहली बार विधायक बने। वर्ष 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन केएल ठाकुर से हार गए थे। वर्ष 2017 में दोबारा से कांग्रेस से टिकट लेकर उन्होंने केएल ठाकुर को पराजित किया। 
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00