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फर्जी ऋण मामला: कांगड़ा बैंक के लिपिक, पूर्व प्रबंधक और सहकारी सभा सचिव पर केस दर्ज

रामनाथ शर्मा, अमर उजाला, शाहतलाई (बिलासपुर) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 05 Aug 2021 11:15 AM IST

सार

तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में 33 करोड़ रुपये का गबन ऑडिट में सामने आया था जो न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि विभागीय जांच में गबन का आंकड़ा 38 करोड़ पहुंच गया है। 
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एफआईआर(सांकेतिक तस्वीर)
एफआईआर(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है। फर्जी खाता बनाकर 20 लाख का ऋण लेने का तीसरा मामला न्यायालय से पुलिस थाना तलाई में छानबीन के लिए पहुंचा है। अभी तक करीब 66 लोगों ने कोर्ट में धोखाधड़ी से लोन लेने पर कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों और सभा के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए याचिका दायर की है। 
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तलाई ग्राम सेवा सहकारी सभा में 33 करोड़ रुपये का गबन ऑडिट में सामने आया था जो न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि विभागीय जांच में गबन का आंकड़ा 38 करोड़ पहुंच गया है। मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र के करीब 6 दर्जन लोगों के एक साथ कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक की लठयानी और बंगाणा शाखा में धोखाधड़ी से लोन के खाते बनाए गए हैं। धोखाधड़ी के सामने आने के बाद एक खाताधारक ने डेढ़ साल पहले आत्महत्या कर ली थी।


चालक का कार्य करने वाले झबोला निवासी योगेंद्र सिंह ने सभा के पूर्व सचिव राजेश पटियाल, कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक के सीनियर लिपिक सुरेंद्र पाल और पूर्व बैंक प्रबंधक जगदेव पटियाल के खिलाफ घुमारवीं न्यायालय के माध्यम से पुलिस थाना तलाई में शिकायत दर्ज करवाई है। बताया कि 2017 में तत्कालीन तलाई ग्राम सेवा सहकारी सीमित के सचिव राजेश कुमार पटियाल ने उससे कहा कि कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक ने हॉउस लोन की एक योजना चला रखी है।

कम ब्याज के साथ 20 फीसदी सब्सिडी मिल रही है। कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक लठियाली में तैनात सीनियर लिपिक  सुरेंद्र पाल तलाई सहकारी सभा के कार्यालय में आया और उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके कुछ समय बाद सुरेंद्र पाल फिर सहकारी सभा के कार्यालय में आया और बताया कि आपके कागज अधूरे होने के कारण लोन रद्द हो गया है।

काफी समय बीत जाने के बाद कांगड़ा बैंक से नोटिस आने पर पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। उसने पुलिस को बताया कि  कोई लोन नहीं लिया है। जाली खाता बनाकर खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं। इस पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। डीएसपी घुमारवीं अनिल ठाकुर ने बताया कि न्यायालय के आदेशों पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ 418, 420, 465, 466, 467, 468, 471, 477ए,120बी व 34 आईपीसी के तहत मामला पंजीकृत करके छानबीन शुरू कर दी है।
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