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हिमाचल प्रदेश: ठेकेदार प्रदेशव्यापी हड़ताल पर, विकास कार्य हुए ठप

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 07 Feb 2022 06:41 PM IST
सार

यूनियन के महासचिव राजेश सुमन ने कहा कि ठेकेदार एक जुलाई, 2017 से पहले के कार्यों पर रिफंड की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक यह पैसा नहीं दिया गया है। दो बार जीएसटी देने पर ठेकेदारों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है। 

ठेकेदारों की हड़ताल।
ठेकेदारों की हड़ताल। - फोटो : संवाद
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश में ठेकेदारों के हड़ताल पर जाने से विकास कार्य बंद हो गए हैं। सोमवार को ठेकेदार यूनियनों ने सभी जिलों में प्रदर्शन कर सरकार से डब्ल्यू एक्स फार्म को लेकर की गई सख्ती और जीएसटी का भुगतान जारी करने की मांग की। यूनियन के पदाधिकारियों ने उपायुक्तों और लोक निर्माण विभाग के मंडल कार्यालयों में अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपे। यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक समस्या का लिखित में समाधान नहीं हो जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। ठेकेदारों ने फैसला लिया है कि प्रोजेक्टों में काम कर रहे मजदूरों को दिहाड़ी मिलती रहेगी। सोमवार को ठेकेदार लोक निर्माण विभाग के किसी भी टेंडर में शामिल नहीं हुए। बर्फ हटाने के लिए लगाई गईं जेसीबी भी सड़कों के किनारे खड़ी रहीं। इससे आम लोगों की भी परेशानी बढ़ेगी। हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार बिज ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस मामले में कई बार वार्तालाप हुआ है।



अधिकारियों से भी लगातार बैठकें हुई हैं, लेकिन आश्वासन ही दिया जाता है। ठेकेदार सरकार से माइनिंग के नियमों में संशोधन कर सरलीकरण की मांग कर रहे हैं। क्रेशर में डब्ल्यू एक्स फार्म देने की सीमा तय की गई है। ऐेसे में ठेकेदारों को यह फार्म नहीं मिल रहे हैं, जिससे लोक निर्माण और अन्य विभागों के पास करोड़ों की राशि फंसी है। नियम सख्त करने से क्रेशर से रोड़ी, रेत-बजरी नहीं मिल रहा है। उधर, यूनियन के महासचिव राजेश सुमन ने कहा कि ठेकेदार एक जुलाई, 2017 से पहले के कार्यों पर रिफंड की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक यह पैसा नहीं दिया गया है। दो बार जीएसटी देने पर ठेकेदारों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है। ठेकेदारों ने सड़कें, अस्पताल, मिनी सचिवालय, सरकारी आवासों की मरम्मत, डंगों और नालियों का निर्माण, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कार्य बंद कर दिए हैं। 


कोर्ट के अधीन मामला, निकाला जा रहा समाधान : सीएम
 हिमाचल प्रदेश ठेकेदार एसोसिएशन की प्रदेशव्यापी हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह मामला कोर्ट के विचाराधीन है। ठेकेदार भी इस बारे में जानते हैं, लेकिन फिर भी रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। ठेकेेदारों से भी बातचीत चल रही है। हड़ताल हर बात का समाधान नहीं है। उधर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ठेकेदारों का मामला उठाया। इस दौरान प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग शुभाशीष पांडा और विधि विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया। इसमें ठेकेदारों के मामलों को सुलझाने के निर्देश दिए गए। 

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