विज्ञापन

अब आईआईटी मंडी के प्रशिक्षु इंजीनियर भी पढ़ेंगे डाटा साइंस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी Updated Thu, 09 Aug 2018 07:15 AM IST
IIT Mandi engineers will study data sciences
ख़बर सुनें
देश के भावी इंजीनियर अब आंकड़ों के फेर में नहीं उलझेंगे। स्टैनफोर्ड और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की तर्ज पर आईआईटी मंडी भी प्रशिक्षु इंजीनियरों को डाटा साइंस की पढ़ाई करवाएगा। दावा किया जा रहा है कि आईआईटी मंडी देश का पहला इंजीनियरिंग संस्थान बन गया है, जिसने इस विषय में पढ़ाई शुरू की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी सत्र में हर संकाय के प्रथम वर्ष से प्रशिक्षुओं को यह विषय पढ़ाया जाएगा। अभी तक डाटा साइंस की पढ़ाई न्यूयार्क और स्टैनफोर्ड, अमेरिकन और टैक्सास यूनिवर्सिटी में ही थी। आईआईटी मंडी में इस सत्र में डाटा साइंस के तीन नए विषय शुरू किए हैं।

बीटेक प्रथम वर्ष में यह विषय पढ़ाया जाएगा। इसके बाद द्वितीय और तृतीय वर्ष में दो विषय प्रशिक्षुओं को पढ़ाए जाएंगे। वर्तमान में डाटा साइंटिस्ट की मांग बहुत अधिक है। संस्थान के हर संकाय में कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियर समेत हर प्रशिक्षु इस विषय को पढ़ेगा। 

आंकड़ों से जुड़ी स्टडी का नाम है डाटा साइंस 
डाटा साइंस आंकड़ों से जुड़ी स्टडी का नाम है। इसके तहत डाटा को जुटाकर उनके अध्ययन और विश्लेषण के माध्यम से भविष्य की योजना बनाई जा सकती है। कई कंपनियों ने अपने ग्राहक संबंधी डाटा के व्यापक संग्रहण और विश्लेषण के बाद कंपनी के नतीजों में काफी सकारात्मक सुधार किए हैं। डाटा साइंस में आंकड़े के विश्लेषण को तीन भागों में बांटा जाता है। 

यह हैं संभावनाएं 
हर फील्ड में डाटा के बढ़ते महत्व के कारण ऐसे प्रफेशनल्स की जरूरत महसूस की जाने लगी है, जो इन डाटा को इकट्ठा कर सके और उनका विश्लेषण कर सके। इसलिए इंडस्ट्री में बहुत तेजी से डाटा साइंटिस्ट की मांग बढ़ी है। इस फील्ड में डाटा एनालिस्ट, सीनियर इन्फार्मेशन एनालिस्ट, इन्फार्मेशन ऑफिसर, डाटा ऑफिसर, सॉफ्टवेयर टेस्टर, स्पोर्ट एनालिस्ट और बिजनेस एनालिस्ट के तौर पर कॅरिअर बना सकते हैं। 

विषय शुरू करने वाला देश का पहला संस्थान : प्रो गोंजाल्विस
आईआईटी कंमाद में बुधवार को प्रेसवार्ता में निदेशक प्रो टिमोथी गोंजाल्विस ने डाटा साइंस विषय शुरू करने की जानकारी दी। दावा किया कि अभी देश की किसी भी आईआईटी में इस विषय को नहीं पढ़ाया जा रहा है। आईआईटी मंडी पहला ऐसा इंजीनियरिंग संस्थान है, जिसने इस विषय की पढ़ाई शुरू की है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Chandigarh

कड़ा फरमानः स्कूलों से बाहर अब बच्चों से कोई भी काम कराया तो गुरु जी की खैर नहीं, संभल जाएं

अब गुरु जी विद्यार्थियों से स्कूलों के बाहर किसी भी तरह का काम नहीं करा सकेंगे। रैली निकालने जैसे काम भी नहीं करा सकेंगे, कड़ा फरमान जारी किया गया है।

13 दिसंबर 2018

विज्ञापन

नेपाल में भारत की नई करेंसी हुई गैरकानूनी, इन नोटों पर लगा बैन

साल 2016 में पहले भारत सरकार ने देश में नोटबंदी की थी लेकिन अब नेपाल ने भारतीय नोटों के चलन पर रोक लगा दी है। जी हां आइए दिखाते हैं क्यों हुई नेपाल में भारतीय नोटों की नोटबंदी।

14 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree