एक हजार प्रति पेटी गिरे सेब का दाम, बागवान परेशान

Shimla	 Bureauशिमला ब्यूरो Updated Sun, 06 Sep 2020 11:39 PM IST
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शिमला। कम फसल के बावजूद सेब की मार्केट गिरने से बागवान परेशान हैं। बीते 15 दिन के भीतर सेब की कीमतें बुरी तरह गिरी हैं। शुरुआत में जहां सेब 2500 से 3000 रुपये प्रति पेटी बिक रहा था, अब कीमत गिरकर 1500 से 2000 रुपये प्रति पेटी पहुंच गई है। करीब 1000 रुपये प्रति पेटी तक दाम गिरे हैं। मौजूदा समय में ऊंचाई वाले क्षेत्रों से मंडियों में सेब की आमद शुरू हो गई है। बागवान संगठनों का मानना है कि आढ़तियों और खरीदारों के गठजोड़ के कारण सुनियोजित तरीके से सेब की मार्केट गिराई गई है। इसके अलावा सेब की कोल्ड स्टोरेज करने वाली कंपनियों ने भी रेट खोल दिए हैं जिसके कारण एकाएक मार्केट में गिरावट आ गई है। सेब की मार्केट गिरने के पीछे बागवान संगठन क्या कारण मान रहे हैं और इस स्थिति में बागवानों को क्या करना चाहिए इसे लेकर अमर उजाला ने विभिन्न बागवान संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की।
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कोल्ड स्टोर कंपनियों की रणनीति से गिरी मार्केट : प्रशांत
यंग एंड यूनाइटेड ग्रोवर्स एसोसिएशन के महासचिव प्रशांत सेहटा का कहना है कि कोल्ड स्टोर कंपनियों ने जब से अपने रेट खोले हैं, मार्केट बुरी तरह गिरी है। इसके अलावा एकाएक भारी मात्रा में फसल मार्केट में आने से भी दामों में गिरावट आई है। बागवानों को इस समय बढ़िया गुणवत्ता का सेब छोटे लॉट बनाकर मार्केट में भेजना चाहिए। इससे उन्हें फसल के अच्छे दाम मिल सकते हैं।
मार्केट में बढ़िया सेब को मिल रहे चोखे दाम : कुणाल
प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन के महासचिव कुणाल चौहान का कहना है कि मार्केट में सेब की आमद बढ़ने से कीमतों में कमी आई है। इसके अलावा कई राज्यों में भारी बारिश भी हो रही है। निजी कंपनियों ने भी रेट खोले हैं इससे भी असर पड़ा है। बागवानों को इस समय बगीचे से बढ़िया सेब ही तोड़ने चाहिए। मल्टीपल थिनिंग करने की जरूरत है। बढ़िया सेब को मार्केट में अच्छे दाम मिल रहे हैं।
निजी कंपनियों, सरकार और खरीदारों के गठजोड़ से गिरे दाम : संजय
किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान का कहना है कि प्राइवेट कंपनियों, सरकार और खरीदारों के गठजोड़ से सेब की कीमतें गिरी हैं। प्राइवेट कंपनियां और खरीदार सस्ती कीमतों पर सेब खरीदना चाह रहे हैं। रेट तय करने के लिए सरकार को सभी हितधारकों की कमेटी गठित करनी चाहिए। एपीएमसी के कोल्ड स्टोर सस्ती दरों पर बागवानों के लिए खोलने चाहिए। सरकार को ए ग्रेड के सेब की भी खरीद करनी चाहिए।
सस्ती कीमतों पर सेब खरीद रहे आढ़ती और खरीदार : हरीश
सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश चौहान का कहना है कि स्टोर क्वालिटी का सेब आढ़ती और खरीदार मिलीभगत कर सस्ती दरों पर खरीद रहे हैं। मार्केट में सेब की आमद डेढ़ लाख से ढाई लाख पेटी रोजाना पहुंच गई है। बागवानों को इस समय संयम बरतने की जरूरत है। धीरे-धीरे सेब तुड़ान करें। संभव हो तो सेब को स्टोर करना चाहिए, जिससे बाद में अच्छी कीमत पर बेचा जा सके।
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