अफसरों की पोस्टिंग में होती है मनमानी

शिमला/ब्यूरो Updated Fri, 23 Nov 2012 01:51 PM IST
arbitrary in officers posting
हिमाचल में नई सरकार के लिए प्रशासनिक फौज का कैडर प्रबंधन बड़ी चुनौती है। वर्तमान में कई वरिष्ठ पदों पर जूनियर अफसर तैनात हैं। अफसरों की तैनाती में कार्मिक विभाग अपने ही दिशा-निर्देशों और कैडर वर्गीकरण नियमों की अवहेलना करता रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि अफसरों की तैनाती में मनमानी क्यों होती है? इससे सरकार को क्या लाभ है? यह भी साफ है कि हर सरकार में पद की वरिष्ठता को नजरअंदाज कर नियुक्तियां होती रही हैं।

यदि वर्तमान समय में ही देखें तो निदेशक विजिलेंस सेक्रेटरी रैंक का पद है, लेकिन वर्तमान में एचएएस एससी पाल इसे देख रहे हैं। सेक्रेटरी रैंक हासिल करने के लिए आईएएस को करीब 16 साल नौकरी करनी पड़ती है। वर्तमान में आईएएस का 1996 का बैच इस रैंक में है। कार्मिक विभाग की अपनी आंतरिक व्यवस्था है कि मंडी, कांगड़ा और शिमला जैसे तीन बड़े जिलों में सेक्रेटरी रैंक के डीसी होंगे। लेकिन वर्तमान में तीनों ही जिलों में इस सीनियोरिटी अफसर नहीं हैं।

पांच जिलों में एडीसी की पोस्ट आईएएस के लिए सृजित है। लेकिन वर्तमान में केवल कांगड़ा में आशीष सिंघमार हैं। बाकी चार जिलों में एचएएस के पास यह पद है। जूनियर अफसरों को डीसी लगाने पर प्रदेश सरकार इस चुनाव में भी चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के कारण फजीहत झेल चुकी है। यही नहीं, पर्यटन विभाग के निदेशक वर्तमान में डॉ. अरुण शर्मा हैं, लेकिन पोस्ट सेक्रेटरी रैंक की है। हिपा में दिनेश मल्होत्रा भी सीनियर रैंक की पोस्ट पर हैं।

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम में प्रबंध निदेशक के पद पर लोकेंद्र चौहान के रूप में जूनियर अफसर तैनात हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और ओबीसी एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभागों में मधुबाला और अभिषेक जैन निदेशक हैं, लेकिन कैडर रिव्यू में सरकार ने इन दोनों पदों को सेक्रेटरी रैंक में रखा है। यही नहीं गैर प्रशासनिक अधिकारियों की सचिवालय में नियुक्ति पर भी सवाल उठते रहे हैं। वर्तमान में आईएफएस से नगीन नंदा, बीडी सुयाल, अर्चना शर्मा, सुशील कपटा, एके गुलाटी जैसे कई अफसर प्रशासनिक पदों पर हैं। प्रशासनिक अफसरों की कमी के नाम पर कुछ आईपीएस भी सचिवालय में हैं।

इसलिए नाराज हैं नरेंद्र चौहान
राज्य सरकार ने निर्वाचन विभाग में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान को लगाया हुआ है। यह पद सेक्रेटरी रैंक का है, जबकि वरिष्ठ अफसर नरेंद्र चौहान प्रिंसिपल सेक्रेटरी रैंक में हैं। जूनियर पोस्ट पर उनकी नियुक्ति की गई है। सचिवालय में यह भी चर्चा है कि इसलिए वह नाराज भी हैं। राज्य सरकार ने एचएएस का कैडर रिव्यू कर इसे बढ़ाकर 206 तक पहुंचा दिया, लेकिन आईएएस का कैडर 129 से 148 करने पर केंद्र से आज तक मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि मुख्य सचिव सुदृप्त राय भी कई बार मान चुके हैं कि राज्य में अफसरों की कमी है।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

सोशल मीडिया ने पहले ही खोल दिया था राज, 'भाभीजी' ही बनेंगी बॉस

बिग बॉस के 11वें सीजन की विजेता शिल्पा शिंदे बन चुकी हैं पर उनके विजेता बनने की खबरें पहले ही सामने आ गई थी। शो में हुई लाइव वोटिंग के पहले ही शिल्पा का नाम ट्रेंड करने लगा था।

15 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper