अधिकारियों की साजिश ने छीनी जिंदगी!

Shimla Updated Wed, 08 Aug 2012 12:00 PM IST
बिलासपुर। सड़क हादसे का शिकार हुई एथलेटिक्स कोच कमलेश ठाकुर की मृत्यु के मामले की न्यायिक जांच की मांग उठी है। दिवंगत कोच द्वारा अपनी डायरी में किए खुलासे के आधार पर आरटीआई ब्यूरो एडवोकेट राजेश मिश्रा और स्व. कमलेश के बहनोई नंदलाल ने यह मांग उठाई है। निष्पक्ष जांच हुई तो खेल महकमे के कुछ आला अधिकारियों और एक कोच पर इसकी गाज गिर सकती है।
मंगलवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में राजेश मिश्रा तथा नंदलाल ने स्व. कमलेश ठाकुर द्वारा लिखी गई डायरी के पन्नों की कापियां मीडिया को जारी की। इसमें कमलेश ने पिछले कुछ अरसे के दौरान अपनी जिंदगी में आए ‘तूफान’ का खुलासा किया है। डायरी के अनुसार अनुशासन को प्राथमिकता देने वाली कमलेश को राज्य खेल छात्रावास के प्रभारी पद से हटाने के लिए कुछ ‘अपनों’ ने ही साजिश रची। उन पर कई घटिया लांछन लगाए गए। 9 मई को उन्हें होस्टल तथा 14 मई को सिकरोहा में कई घंटे एक तांत्रिक की प्रताड़ना झेलने को मजबूर किया गया। यह सब खेल विभाग के कुछ आला अधिकारियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियाें की मौजूदगी में हुआ। इसी दौरान उन्हें होस्टल वार्डन के पद से भी हटा दिया। 17 मई को विभाग की एक आला अधिकारी ने फोन पर उन्हें धमकी दी कि यदि उन्हाेंने इस घटना की कहीं शिकायत की या इसे मीडिया में सार्वजनिक किया, तो इसका अंजाम ठीक नहीं होगा।
राजेश मिश्रा ने कहा कि कमलेश ने गत 14 जून को जुखाला में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन 16 जून को उनके तबादला आदेश जारी कर दिए गए। हैरानी इस बात की है कि खेल विभाग में प्रशिक्षकों के पद जिला स्तर पर होते हैं, जबकि कमलेश को दुलैहड़ में जमा दो स्कूल में स्थानांतरित किया गया। महिला आयोग ने भी उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। मानसिक तनाव से जूझ रही कमलेश गत शुक्रवार को ऊना में सड़क हादसे में जान गंवा बैठीं। उन्होंने गत मई माह में ही अपनी डायरी में लिख दिया था कि यदि उनकी मृत्यु होती है तो खेल विभाग के दो अधिकारी, एक कबड्डी कोच और तांत्रिक इसके जिम्मेदार होंगे। डायरी में इन लोगों के नाम भी लिखे गए हैं। उन्हाेंने मांग की कि स्व. कमलेश व उनकी बेटी रुद्रांश को न्याय दिलाने के लिए इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।

Spotlight

Most Read

National

तीन करोड़ वाले टेबल के चक्कर में फंसा AIIMS, प्रधानमंत्री मोदी से शिकायत

आरोप है कि निविदा में दी गई शर्तों को केवल यूके की कंपनी ही पूरा कर सकती है। इस कंपनी ने टेबल की कीमत तीन करोड़ रुपये तय की है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

छेड़खानी, यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म मामले में पुरुष ही दोषी क्यों?

अकसर जब कोई छेड़खानी, यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म का मामला सामने आता है तो पुरुषों को पूरी तरह से दोषी मान लिया जाता है।

23 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper