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शिमला में स्कूबा डाइविंग का रोमांच

Shimla Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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शिमला। बिशप काटन स्कूल स्कूबा डाइविंग की सुविधा देने वाला देश का पहला स्कूल बन गया। पहले से ही ट्रेंड बीसीएस के छात्र युवराज, प्रणव और आयूष ने प्रशिक्षकों के साथ स्वीमिंग पूल में आक्सीजन सिलेंडर और अन्य उपकरणों के साथ पूल में इसका डेमोस्ट्रेशन दिया।
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स्कूल के हेडमास्टर आरसी राबिनसन भी यहां मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि एडवेंचर्स स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण सिर्फ अंडेमान निकोबार, बेंगलोर और गोवा में लिया जा सकता था, पर अब बीसीएस के छात्र शिमला में ही प्रशिक्षण ले सकेंगे।

सेवानिवृत्त मेजर एसएन सरदाना ने बताया कि तीनों छात्रों ने अंडेमान निकोबार और बेंगलोर में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। युवराज और आयूष ने स्वीमिंग पूल में यह प्रशिक्षण लिया है, वहीं प्रणव ने ओपन वाटर में गोते लगाने का प्रशिक्षण लिया है।
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आयूष, प्रणव का नाम लिम्का बुक में
बीसीएस के 10 और 8 साल के दोनों भाई आयूष, प्रणव का नाम लिम्का बुक में सबसे छोटे स्कूबा डाइवर्स के रूप में दर्ज है। प्रवण ओपन वाटर में स्कूबा डाइविंग कर चुके हैं तो 8 साल के आयूष स्वीमिंग पूल में स्कूबा डाइविंग का बबल मेकर कोर्स पूरा कर चुके हैं।
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युवराज ने मम्मी से सीखी डाइविंग
बीसीएस के तीसरे बबल मेकर कोर्स पूरा करने वाले छात्र युवराज ने अपनी मम्मी से स्कूबा डाइविंग सीखी। अब वह स्कूबा डाइविंग के एडवांस कोर्स को पूरा करने के इच्छुक हैं। मां राजप्रीत वारना पेशे से स्कूबा सर्च एंड रेस्क्यू डाइवर हैं।
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ट्रेनर अर्चना सरदाना
बीसीएस में बच्चों को प्रशिक्षण देने वाली ट्रेनर अर्चना सरदाना की उपलब्धियों की फे हरिस्त लंबी है। वे देश की पहली मास्टर स्कूबा डाइवर ट्रेनर हैं, जो यूएसए की प्रोफेशनल एसोसिएशन आफ डाइविंग इंस्ट्रक्टर पीएडीआई से मान्यता प्राप्त है। अर्चना देश की पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने यूएसए के केलिफोर्निया में 15000 फु ट की ऊंचाई से बेस जंपिंग कर दिखाई और तिरंगा फहराया। उन्होंने मलेशिया में भी बेस जंपिंग कर तिरंगा फहराया। बीसीएस के स्कूबा डाइविंग खेल को लेकर लिम्का बुक आफ रिकार्ड में दर्ज दोनों बेटे इन्हीं के हैं। उन्होंने ही इन्हें प्रशिक्षण दिया है। मूलत: अर्चना पंचकू ला की रहने वाली हैं। उनका कहना है कि शिमला में तीन से चार माह तक बच्चों को स्कूबा डाइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए पूरा किट स्कूल में उपलब्ध करवाया गया है जिसमें अंडर वाटर फोटोग्राफी को कैमरे से लेकर आक्सीजन सिलेंडर व हर तरह के उपकरण शामिल हैं। स्कूबा डाइविंग प्रशिक्षण प्राप्त प्रणव ने बताया कि वह मास्टर ट्रेनर का कोर्स पूरा करना चाहता है।
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ट्रेनर्स की टीम
जोहन भरूचा 2003 इंस्ट्रक्टर हैं, नेल आईलैंड पोर्टब्लेयर में प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके साथ ही समांथा नूनस गोवा में रेस्क्यू डाइवर हैं। राजप्रीत वारना कोलकाता से सर्च व रेस्क्यू डाइवर हैं।

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