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सेंट बीड्स में पढ़ाई प्रभावित

Shimla Updated Sat, 14 Jul 2012 12:00 PM IST
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शिमला। प्रतिष्ठित सेंट बीड्स कालेज में सोमवार से शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पेन डाउन हड़ताल पर हैं। शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजय सूद और गैर शिक्षक संघ के अध्यक्ष मैथ्यू कुरियन ने कहा कि कालेज प्रबंधन के इन मनमाने फैसलों का विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं। हड़ताल के कारण कालेज में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को सभी आंदोलन पर उतरे शिक्षकों ने परिसर में एकत्र होकर शिक्षण कार्य को बंद रखा। इस कारण कक्षाएं नहीं हो सकीं। सिर्फ अनुबंध आधार पर कार्यरत शिक्षक ही कक्षाएं ले रहे हैं। कालेज में अध्ययनरत 850 छात्राएं परेशान हैं।
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कर्मचारी कर्मचारी संघों के आरोप
प्रबंधन ने शिक्षक गैर शिक्षक कर्मियों को ईपीएफ कटौती के बारे में कोई सूचना नहीं दी।
प्रबंधन ने सैलरी साफ्टवेयर को बदला, कर्मियों के हस्ताक्षर लिए बिना ही वेतन को अकाउंट में जमा करवाया।
23 फीसदी कम डीए कर्मियों को दिया जा रहा, जबकि सरकार 58 फीसदी दे रही है।
ईपीएफ पर लगाए कट से कर्मियों की पेंशन 20,000 से 1500 रुपये प्रतिमाह रह जाएगी।

शिक्षकों के साथ बैठ कर हल निकाले प्रबंधन : अभिभावक
सेंट बीड्स कालेज की अभिभावक शिक्षक संघ की अध्यक्ष मोनिका बनर्र्जी, उपाध्यक्ष नीलम चटर्जी, सह सचिव रितिका लाल और कोषाध्यक्ष रेणु बाला ने कहा कि सोमवार से कालेज की कक्षाएं नियमित नहीं हो पा रही हैं। छात्राएं बारिश में किसी तरह कालेज पहुुंचती हैं, मगर वहां एक या दो कक्षाएं हो पा रही हैं। यह मामला कालेज प्रबंधन, शिक्षकों व कर्मचारियों का है, मगर इसमें सबसे अधिक नुकसान छात्राओं का हो रहा है। उन्होंने प्रबंधन से मांग की है कि इस मामले का हल निकालने को प्रबंधन कर्मचारियों के साथ बैठक करे।

मजबूरी में उतरना पड़ा आंदोलन को
सेंट बीड्स कालेज को अपनी तीस साल तक सेवाएं दे चुके वरिष्ठ शिक्षकों को कालेज के इतिहास में पहली मर्तबा आंदोलन और कक्षाएं बंद करने का अफसोस है। वरिष्ठ शिक्षक केडी चंदेल, नील कमल बेदी, अजय कुमार सूद, कार्यालय अधीक्षक जेजे कुरियन और कमर सिंह का कहना है कि कालेज को ऊंचाई तक पहुंचाने का उन्होंने पूरा प्रयास किया। आज प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण उन्हें अपने हक के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। प्रबंधन कालेज की साख को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगें पूरी करे। उन्होंने अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की।

जल्द सुलझाया जाए मामला
कालेज की छात्राएं हितेशी, रीना, दिव्या, स्वीटी, आशिमा, आकृति, आंचल ने कहा कि शिक्षकों के हड़ताल पर जाने से कक्षाएं नहीं हो पा रही हैं, इसलिए प्रबंधन शिक्षक और गैर शिक्षकों के इस मामले का जल्द कोई समाधान निकाले।

कुछ डिवेल्पमेंट होगी तो सूचित करेंगे : सिस्टर वीना
सेंट बीड्स कालेज की प्रधानाचार्य सिस्टर बीना ने इस मामले में प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि कुछ डिवेल्पमेंट होगी तो सूचित कर देंगे।

110 साल का है इतिहास
सेंट बीड्स कालेज उत्तरी भारत का लड़कियों का प्रतिष्ठित निजी कालेज है। इसमें दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित बाहरी राज्यों से छात्राएं पढ़ने आती हैं। कालेज के इतिहास में पहली बार हड़ताल हो रही है। कालेज ए ग्रेड प्राप्त है। कालेज का 110 साल का इतिहास है। 1904 में यहां स्कूल शुरू हुआ था।


यहां से पढ़ी हैं कई हस्तियां
इस कालेज से कई चर्चित हस्तियां पढ़ कर गई हैं। इनमें सिने स्टार प्रिटी जिंटा, पूनम ढिल्लो, गुलपनाग, प्रदेश सरकार में सचिव रही हरींद्र हीरा, परविंद्र हीरा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह की बहू व सांसद परनीत कौर, यूएसए में पूर्व में एंबेस्डर रहीं मीरा शंकर, प्रदेश टीसीपी विभाग की अधिकारी पूर्णिमा चौहान, पीजीआई चंडीगढ़ की प्रशासनिक मुखिया रूपाली ठाकुर के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बेटी मीनाक्षी भी यहीं से पढ़ी हुई हैं।

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