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Kanika Tekriwal: 10 निजी विमानों की मालकिन है ये महिला, कैंसर को मात देकर की पहले एग्रीगेटर स्टार्टअप की शुरुआत

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sat, 02 Jul 2022 06:03 PM IST
कनिका टेकरीवाल
कनिका टेकरीवाल - फोटो : instagram/
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Kanika Tekriwal Success Story:  बीमारी और शारीरिक समस्याएं इंसान को तोड़ देती हैं। एक व्यक्ति शारीरिक कमजोरियों के कारण मानसिक समस्याओं से जूझता रहता है। लेकिन अगर कोई बीमारियों का डटकर सामना करते हुए अपने जीवन में सफलता को हासिल कर लें तो वह हर किसी के लिए प्रेरणा बन जाता है। एक लड़की जो कैंसर की बीमारी से पीड़ित थी, उसमें अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया। आज वह लड़की देश के उस मुकाम पर है, जहां पहुंचना आसान नहीं था। लड़की ने न केवल बीमारी को हराया बल्कि अपने भविष्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। आज वह 10 निजी जेट की मालकिन है। चलिए जानते हैं जीवन की चुनौतियों और संघर्षों का सामना करने वाली कनिका टेकरीवाल की कहानी, कैसे 22 साल की लड़की ने 10 सालों में बदला अपना जीवन।



कौन है कनिका टेकरीवाल

कनिका टेकरीवाल जेटसेटगो की संस्थापक हैं। जेटसेटगो विमान एग्रीगेटर स्टार्टअप है, इसमें चार्टर्ड विमान और हेलीकॉप्टर के संचालन, प्रबंधन और उड़ान भरने का प्रबंध किया जाता है। कनिका ने जेटसेटगो की शुरुआत साल 2012 में की थीं।


कनिका टेकरीवाल का जीवन परिचय

जेटसेट गो की मालकिन का जन्म एक रूढ़िवादी मारवाड़ी परिवार में हुआ। उनके पिता रियल एस्टेट और केमिकल के कारोबार से जुड़े हैं। कनिका की शुरुआती शिक्षा दक्षिण भारत में एक बोर्डिंग स्कूल में हुआ। इसे बाद कनिका ने इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। डिजाइन में डिप्लोमा डिग्री हासिल की। बाद में वह मुंबई आ गईं और अपने दोस्त सुधीर पेरला के साथ मिलकर अपनी कंपनी की शुरुआत की।

कनिका की उपलब्धि

22 साल की उम्र में कनिका के मन में स्टार्टअप का विचार आया। उन्होंने एक ऐसे स्टार्टअप के बारे में सोचा, जो भारत में किसी और ने अब तक नहीं किया था। उन्होंने जेटसेटगो नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जो लोगों के निजी उड़ान के अनुभव को बेहतर बनाने का काम करता है। इसमें इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए भारत में एयर टैक्सी कनेक्टिवी को बढ़ावा दिया गया।

भारत में निजी तौर पर चार्टर्ड विमानों का उद्योग दलालों या ऑपरेटरों पर निर्भर करता था। लेकिन कनिका ने इस सिस्टम को बदलने के उद्देश्य से इस स्टार्टअप की शुरुआत की, ताकि जो लोग निजी जेट या हेलिकॉप्टरों का उपयोग करना चाहते हैं, वह किसी दलाल या ऑपरेटर पर निर्भर न रहें और न ही ज्यादा कमीशन देने की जरूरत पड़े। कनिका ने काफी तैयारी की, और फिर निजी जेट और हेलीकॉप्टर चार्टर के लिए जेटसेट गो लॉन्च किया।

कनिका का संघर्ष

जब कनिका स्टार्टअप की शुरुआत करने वाली थी, तभी उन्हें पता चला कि वह कैंसर से पीड़ित हैं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके सामने अब दो लक्ष्य थे। एक तो कैंसर से लड़ना और दूसरा अपना स्टार्टअप शुरू करना। कनिका ने कैंसर का इलाज कराया और जेट सेट गो को लॉन्च कर देश का पहला और इकलौता विमान एग्रीगेटर बिजनेस शुरू किया।

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