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Udaipur Murder Case: NIA ने कहा- वारदात में दहशत फैलाने वाले गिरोह का हाथ, हत्याराें से 14 दिन तक होगी पूछताछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Thu, 30 Jun 2022 07:12 PM IST
सार

कन्हैयालाल के हत्यारों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरिजा शंकर मेहता ने कहा कि कोई भी वकील उनका केस नहीं लड़ेगा। दोनों आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। 

मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस।
मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की निर्मम हत्या करने वाले हत्यारों को एनआईए ने गुरुवार को कोर्ट में पेश किया। एनआईए की ओर से दोनों आरोपियों की रिमांड मांगी गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को 13 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यानि दोनों 14 दिन तक रिमांड पर रहेंगे। इस दौरान उसने कड़ी पूछताछ की जाएगी। इससे पहले आरोपियों की कोर्ट में पेशी के दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। 



रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद की पेशी को लेकर पुलिस अलर्ट थी। उनकी सुरक्षा के लिए कोर्ट में 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किए गए थे। साथ ही प्रशासन के पांच आला अधिकारी भी मौजूद थे। पुलिस को आशंका थी कि कोर्ट में पेशी के दौरान उनके साथ मारपीट हो सकती है। इसी के चलते कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। दोनों हत्यारों के कोर्ट पहुंचते ही करीब 250 वकीलों की भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान भारत माता की जय और हत्यारों को फांसी दो जैसे नारे लगाए गए।  


इस दौरान मीडिया से बात करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरिजा शंकर मेहता ने कहा, हम चाहते हैं कि दोनों आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। कोई भी वकील उनका केस नहीं लड़ेगा। उनका कृत्य सामान्य नहीं है, उन्होंने आतंकवाद फैलाने का काम किया है। 

राजस्थान में ही होगी पूछताछ
एनआईए से मिली जानकारी के अनुसार हत्या के दोनों आरोपियों से राजस्थान में ही पूछताछ की जाएगी। एनआईए की टीम उन्हें दिल्ली लेकर नहीं आएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि कन्हैयालाल की हत्या में सिर्फ रियाज और गौस मोहम्मद ही शामिल नहीं है। हत्या की योजना में आरोपियों के गिरोह का हाथ हो सकता  है। एनआईए की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या में किसी आतंकवादी संगठन का हाथ नहीं है, लेकिन एक दहशत फैलाने वाला गिरोह इसमें शामिल हो सकता है। 
 

#WATCH | Prime accused in the Udaipur beheading case presented at the Udaipur district session court in Rajasthan pic.twitter.com/gcJ9ZzQXL6

— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 30, 2022 ">http://
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पाकिस्तान में ली थी 15 दिन की ट्रेनिंग 
इससे पहले दोनों हत्यारों का पाकिस्तानी से कनेक्शन होने की बात भी सामने आई थी। आरोपी रियाज और गौस कराची गई थे। वहां दोनों ने करीब 15 दिन की ट्रेनिंग भी ली थी। यह ट्रेनिंग 2014-15 में ली गई है। दोनों पाकिस्तान में दावत-ए-इस्लाम संगठन से भी जुड़े हुए थे। कराची से वापस आने के बाद दोनों आरोपी समाज के युवाओं को लगातार अपने धर्म के लिए कट्टर रहने के लिए भी भड़का रहे थे। उन्होंने एक व्हाट्स ग्रुप भी बनाया था जिसमें भड़काऊ वीडियो और मैसेज भेजकर युवाओं का ब्रेन वॉश किया जा रहा था। आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में एनआईए को करीब दस संदिग्ध नंबर मिले हैं। इनमें से कुछ पाकिस्तान के भी है। रियाज लगातार इन नंबरों पर बात कर रहा था।
  
स्लीपर सेल कर रहे थे तैयार 
आरोपी मोहम्मद रियाज अत्तारी के अलसूफा से भी जुड़े होने की बात सामने आई है। यह संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के रिमोट स्लीपर सेल के तौर पर काम करता है। रियाज पिछले पांच साल से अलसूफा के लिए राजस्थान के आठ जिलों में स्लीपर सेल बना रहा था। रियाज और गौस धर्म के नाम पर युवाओं को उकसा रहे थे। दोनों उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, टोंक, बूंदी, बांसवाड़ा और जोधपुर में बेरोजगार युवाओं का ब्रेनवॉश कर आईएसआईएस के स्लीपर सेल से जोड़ रहे थे। दोनों को अरब देशों से फंडिग भी मिली थी।

गला रेत कर दी गई थी हत्या 
शहर के धानमंडी इलाके के भूत महल क्षेत्र में रहने वाले कन्हैयालाल दर्जी थे और यहां अपनी दुकान चलाते थे। मंगलवार को दो मुस्लिम युवक कपड़े का नाप देने के बहाने दर्जी की दुकान पर पहुंचे और उस पर धारदार हथियार से वार करना शुरू कर दिया। ताबड़तोड़ हमलों ने उसे संभलने का मौका तक नहीं दिया। उसकी गर्दन कट गई और मौके पर ही मौत हो गई। हमले में दुकान पर काम करने वाला उसका साथी ईश्वर सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। शहर के एमबी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। कन्हैलाल की हत्या के बाद से उदयपुर सहित पूरे प्रदेश में तनाव का माहौल है। धारा 144 लागू होने के बाद भी कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

यूएपीए जैसे कानून आवश्यक हैं: केंद्रीय मंत्री सिंह 
इधर, कन्हैयालाल की हत्या को लेकर केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम (यूएपीए) जैसे विशेष कानून आवश्यक हैं, ताकि आतंकवादियों और 'लोगों का सिर काटने वालों' के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह गुरुवार को भारतीय संस्कृति और दर्शन में मानवाधिकार विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, यूएपीए जैसे कानून होने चाहिए, और कुछ लोगों को हिरासत में लिया जाना चाहिए, ताकि दूसरों के जीवन की रक्षा की जा सके। 

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