बस स्टैंड में धरने पर बैठे पीआरटीसी कर्मचारी

Patiala Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
पटियाला। पीआरटीसी के कांट्रेक्ट, रेगुलर और पेंशनरों ने मंगलवार को सुबह 11 से तीन बजे तक अपनी मांगों को लेकर बस स्टैंड में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने समय पर सैलरी व पेंशन देने, पीआरटीसी से भ्रष्टाचार खत्म करने आदि मांगें उठाई गईं। इन मांगों के पूरा न होने पर संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी गई। यह धरना एटक, सीटू और एससीबीसी के आह्वान पर दिया गया।
धरने को संबोधित करते हुए पीआरटीसी वर्कर्स यूनियन एटक के महासचिव निर्मल सिंह धालीवाल ने कहा कि पीआरटीसी में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, जिस पर लगाम लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 सालों से भी अधिक समय से पीआरटीसी मैनेजमेंट ने 1800 वर्करों की ठेकेदारी सिस्टम के तहत भरती की हुई है। इन वर्करों को रेगुलर किया जाए। पेंशनरों को पेंशन और रेगुलर कर्मचारियों को हर महीने की पांच तारीख तक पेंशन व सैलरी मिलना यकीनी बनाया जाए। पेंशनरों के करोड़ों रुपये के बकाया का जल्द भुगतान किया जाए। सरकार की ओर से बनाई ट्रांसपोर्ट पालिसी को रद किया जाए। आर्थिक संकट से जूझ रही पीआरटीसी को 100 करोड़ की ग्रांट दी जाए। पीआरटीसी के बेड़े में 400 नई बसें डाली जाएं। बसों की कमी से रूट प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर कारपोरेशन की आमदनी पर पड़ रहा है।
मांगें पूरी न होने पर संघर्ष और तेज करने की चेतावनी दी गई। धरने में कर्मचारी नेताओं सुच्चा सिंह, गुरबख्शा राम ने भी भाग लिया।

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