किसानों के विरोध ने रोके प्रशासन के पैर

Pathankot Updated Tue, 06 Nov 2012 12:00 PM IST
पठानकोट। गांव फुलड़ा में अधिग्रहण को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने प्रस्तावित जमीन पर पक्का मोर्चा लगा दिया। ग्रामीण देर रात तक जमीन पर डटे रहे और अधिग्रहण को प्रशासन का रवैया भी भांपते रहे। वहीं संघर्ष कमेटी से दो बार हुई बातचीत में कोई हल नहीं निकलता देखकर प्रशासन ने अपने पांव पीछे खींच लिए और पूरा दिन विरोध को देखकर अधिग्रहण करने गांव में प्रवेश तक नहीं किया।
सोमवार को जमीन के अधिग्रहण को लेकर प्रशासन ने गांव के आस पास धारा 144 लागू कर दी थी, लेकिन ग्रामीणों ने देर रात जमीन पर टेंट लगाकर धरना लगा दिया था। धरना सुबह आठ बजे से फिर शुरु हो गया और महिलाओं से लेकर बच्चे भी जमीन अधिग्रहण के विरोध में उतर आए। अधिग्रहण के चलते सुबह एसडीएम आरपीएस वालिया और डीएसपी सिटी वरिंद्र सिंह संधू फोर्स लेकर गांव के बाहर नंगलभूर चौकी में आए थे। जहां पर विरोध को देखकर प्रशासन मंथन करने में लगा रहा। सुबह 10 बजे प्रशासन ने जमीन बचाओ संघर्ष समिति के कनवीनर कुलदीप सिंह, जनक सिंह और शाम सिंह को बातचीत के लिए बुलाया गया। प्रशासन ने उन्हें सात दिन का समय और देने का आश्वासन दिया,लेकिन, संघर्ष कमेटी ने प्रशासन को साफ तौर पर जमीन का अधिग्रहण रोकने की बात कर डाली। आधा घंटा की बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला और जमीन पर चल रहे धरने में शामिल हुए। दो घंटे तक ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद 12 बजे दोबारा संघर्ष कमेटी को बातचीत का बुलावा मिला और फिर आधा घंटा बातचीत करने पर कोई नतीजा नहीं निकला। प्रशासन का रवैया नरम न देखकर ग्रामीणों का विरोध और तेज हो गया। शाम छह बजे तक ग्रामीण अपनी जमीन पर बैठे रहे। इस मौके पर सीटीयू पंजाब के महासचिव कामरेड नत्था सिंह, जम्हूरी किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव रघुबीर सिंह, गुरदासपुर के अध्यक्ष बलविंद्र रवाल, बलवंत सिंह, दलबीर सिंह, देहाती मजदूर सभा के लाल चंद कटारुचक्क, जनक राज, गुलजार मसीह, जीत राम, लाल झंडा पंजाब भट्ठा मजदूर यूनियन के शिव कुमार, निर्माण मजदूर यूनियन के मास्टर सुभाष शर्मा, आरएसएस के प्रचारक मनोहर लाल, चक्क मन्हासा के सरपंच राजिंद्र मन्हास, गुड़ा के पूर्व सरपंच सुखदेव राज, हसनदीन, तिलक राज, अमर सिंह ने ऐलान किया कि जमीन का किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है जिसमें प्रशासन को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

बच्चों की भी कराई छुट्टी
पठानकोट। गांव फुलड़ा में जमीन का अधिग्रहण को लेकर ग्रामीण अपने बच्चों के साथ विरोध में उतर आए। संघर्ष कमेटी के कनवीनर जनक सिंह, कुलदीप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले अपने सभी बच्चों की छुट्टी करा दी और धरने में शामिल हुए। इसके चलते स्कूल के बरामदे में पूरा दिन शिक्षक बच्चों का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई बच्चा स्कूल में दाखिल तक नहीं हुआ।

35 एकड़ जमीन का करना है अधिग्रण
पठानकोट। नेशनल हाईवे अथारिटी की ओर से जम्मू-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौहरीकरण के चलते जमीन का अधिग्रहण किया गया था। हाईवे के विस्तारीकरण में सेना की जालंधर, उच्ची बस्सी, मीरथल, नंगलभूर, कौंतलपुर और इंदौरा के छन्नी बेली गांव में जमीन अधिग्रहित की थी। सेना की ओर से अथारिटी से जमीन के बदले जमीन मांगी है। इस पर गांव फुलड़ा में 35 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। 35 एकड़ जमीन से गांव के 100 परिवार जुड़े हैं और दो बार जमीन का अधिग्रहण करने गए प्रशासन को विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा है।

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