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अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीण एकजुट

Pathankot Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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पठानकोट। गांव फुलड़ा में प्रशासन की ओर से प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। ग्रामीणों ने संघर्ष कमेटी का गठन कर अधिग्रहण के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को 13 सदस्यीय गांव फुलड़ा जमीन बचाओ संघर्ष कमेटी गठित की गई और रोष प्रदर्शन कर अधिग्रहण का विरोध किया गया। इस मौके पर 15 अक्टूबर को सुजानपुर में प्रस्तावित दौरे पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को मांग पत्र सौंपने का फैसला बी किया गया।
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उधर, सीटीयू के नेता नत्था सिंह और शिव कुमार ने संस्था की ओर से संघर्ष कमेटी को अपना समर्थन देने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक नेशनल हाईवे अथारिटी की ओर से जम्मू-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौहरीकरण के चलते जमीन का अधिग्रहण किया गया था। हाईवे के विस्तारीकरण में सेना की उच्ची बस्सी, मीरथल, नंगलभूर, कौंतलपुर और इंदौरा के छन्नी बेली गांव में जमीन अधिग्रहित की थी। सेना की ओर से अथारिटी से जमीन के बदले जमीन मांगी है। इस पर गांव फुलड़ा में 35 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके विरोध में ग्रामीण उतर आए हैं। आज गठित संघर्ष कमेटी में पूर्व सरपंच प्रीतम चंद, हंस राज, महिंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह, तरसेम सिंह, नरिंद्र सिंह, सुदर्शन सिंह, मोहन सिंह, तिलक राज, शाम सिंह, तरसेम सिंह, अश्वनी कुमार और कुलदीप सिंह को शामिल किया गया है। कमेटी सदस्यों ने बताया कि गांव फुलड़ा का राष्ट्रीय राजमार्ग से कोई संबंध नहीं है और जमीन उनकी अधिग्रहित की जा रही है। उन्होंने बताया कि 35 एकड़ जमीन से गांव के 100 परिवार जुड़े हैं जिनका राशन जमीन से पैदा होता है। गांव के सरपंच जनक राज ने बताया कि 35 एकड़ जमीन उपजाऊ है और जमीन एक सौ परिवारों की रोजी रोटी से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि पंचायत ने प्रस्ताव पारित करके सरकार को अधिग्रहण रोकने की मांग की है, लेकिन उसे दरकिनार कर प्रशासन अधिग्रहण करने में लगा है। उन्होंने बताया कि अधिग्रहण में कोई नियम ताक पर रखकर एक शमशान घाट और कब्रिस्तान तक को अधिग्रहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जमीन पर पिछले 20 साल से पंजाब स्टेट ट्यूबवेल कारपोरेशन का ट्यूबवेल लगा है जोकि इलाके की 180 एकड़ जमीन की सिंचाई करता है। संघर्ष कमेटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनसे जमीन को जबरदस्ती छीनने का प्रयास किया गया तो उसका विरोध किया जाएगा।

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