विज्ञापन

बैंक कर्मचारी ही निकले बैंक घोटाले के मास्टर माइंड

Pathankot Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पठानकोट। द हिंदू कोआपरेटिव बैंक पठानकोट के साढ़े 27 लाख गबन का मामला पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। मामले में पुलिस ने बैंक के दो मुलाजिमों समेत तीन लोगों को नामजद किया है और दोनों बैंक मुलाजिमों को गिरफ्तार कर उनसे 11 लाख की नगदी बरामद कर ली है। जबकि एक अन्य फरार बताया जाता है। पुलिस का दावा है कि गबन के मामले में बैंक के और भी अफसर शामिल हो सकते हैं।
विज्ञापन
एसएसपी डा. सुरिंद्र कुमार कालिया ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दीनानगर के हिंदू बैंक की मेन बाजार स्थित मुख्य शाखा में अन्नापूर्णा एग्रोटेक कंपनी लिमेट खाता से साढ़े 27 लाख गबन मामले की तीन महीने की जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि बैंक में तैनात असिस्टेंट अकाउंटेंट राजपुरा के वार्ड नं.16 निवासी मनजिंद्र सिंह ने अपने साथी मुलाजिम शहर के लमीनी निवासी स्वर्ण सिंह और एजेंट प्रीतनगर निवासी प्रदीप दत्ता के साथ मिलकर इस गबन के मामले को अंजाम दिया है। मनजिंद्र सिंह ने बैंक का कंप्यूटर इस्तेमाल कर 5 दिसंबर 2011 को सिकंद मोटर का जाली खाता खोला और उसमें तीन हजार जमा कराए। खाता खोलने के लिए जाली दस्तावेज और मोहर प्रदीप ने तैयार करके दी। 14 दिसंबर को खाते की चेक बुक ली और 27 जनवरी को खाते में एक हजार नगद जमा कराए। इसके बाद मनजिंद्र ने अन्नापूर्णा एग्रोटेक की चेक बुक से गायब किए चेक को 13 फरवरी 2012 को सिकंद मोटर के खाते में लगाने के लिए साथी मुलाजिम स्वर्ण सिंह को दिया था। मुख्य शाखा में पकड़े जाने के डर से उसने चेक को डल्हौजी रोड शाखा में लगाया और 15 फरवरी को 10 , 16 को साढ़े 7 , 17 और 18 फरवरी को 5-5 लाख करके खाते से रकम निकलवा ली। मामले पर पर्दा डालने के लिए अप्रैल में मनजिंद्र सिंह डेपुटेशन पर राजपुरा स्थित कोआपरेटिव बैंक में तबादला कराकर चला गया। साढ़े 27 लाख की रकम निकलवाने के बाद उसमें से 10 लाख मनजिंद्र ने अपने पास रखा और एक लाख स्वर्ण सिंह को दे दिया। जबकि बाकी पैसे प्रदीप दत्ता को थमा दिए गए। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने मनजिंद्र और स्वर्ण से 11 लाख की राशि बरामद कर ली है इस मौके पर डीएसपी सिटी वरिंद्र सिंह भी मौजूद थे।
क्या था मामला-
मेन बाजार स्थित बैंक की मुख्य शाखा में अन्नापूर्णा एग्रोटेक के नाम की कंपनी ने नवंबर 2011 में दो करोड की लिमिट बनवाई थी। बैंक की चेकबुक से 74 नंबर का चेक गायब था जोकि 13 फरवरी 2012 को सिकंद मोटर के खाता में बैंक की डल्हौजी रोड शाखा से निकासी किया गया है। चेक पर फर्जी हस्ताक्षर तथा फर्जी मोहर तैयार कर कैश करा लिया गया। जबकि फर्जी बैंक खाता का शाखा में कुछ रिकार्ड तक उपलब्ध नहीं है। खाता की स्टेटमेंट से खाताधारक अनिल गुप्ता को धोखाधड़ी पता चलने पर कल बैंक में हंगामा खड़ा हो गया था। शिकायत पर पुलिस थाना डिवीजन नं.1 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Related Videos

इस देश में मां बनने के लिए बॉस से लेनी पड़ती है अनुमति

जापान की कई कम्पनियां अपनी महिला कर्मचारियों को निर्देश दे रही हैं कि मां बनने से पहले वे अपने बॉस की अनुमति लेंगी। जापान के कर्मचारियों को उनकी कम्पनी की तरफ से शादी और मां बनने को लेकर निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

25 सितंबर 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree