पटवारी की मौत पर मचा बवाल

Pathankot Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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पठानकोट। बजरी कंपनी के पटवारी अविनाश चंद्र पुत्र हरबंस लाल की मौत से भड़के मृतक के परिजनों ने मंगलवार को सिविल अस्पताल में जमकर बवाल मचाया। उन्होंने अस्पताल का गेट बंद कर छह घंटे तक अस्पताल में कब्जा कर प्रदर्शन किया और किसी को भी अस्पताल में नहीं आने-जाने दिया। इसके अलावा प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा का घेराव कर भीतर ही बैठने को मजबूर कर दिया। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार करने और कानवां एसएचओ के निलंबित करने की मांग को लेकर पुतला फूंका और शव का पोस्टमार्टम होने से रोके रखा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। बाद में लिखित आश्वासन पर प्रदर्शनकारी गेट से हटे। पुलिस में मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा जोड़कर उनकी धरपकड़ तेज कर दी है।
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3 जून को पटवारी अविनाश चंद्र निशानदेही के लिए गांव बनौर गए थे। माजरा गांव में घायल अवस्था में मिलने के बाद परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया था जहां से चिकित्सकों ने उन्हें लुधियाना डीएमसी रेफर कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने अविनाश के बयानों के आधार पर माजरा के अमरजीत सिंह, राम लुभाया, यशपाल, गिरदोर श्याम मसीह समेत पांच के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सोमवार देर रात उनकी मौत हो गई और आज सुबह शव लेकर परिजन सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां पर कानवां के एसएचओ अश्वनी कुमार भी जांच पड़ताल को पहुंचे हुए थे। इस बीच बहस होने पर मृतक के रिश्तेदारों ने अस्पताल में बवाल खड़ाकर दिया। अस्पताल में मृतक के परिजनों का हुजूम उमड़ पड़ा और उन्होंने अस्पताल में खूब हंगामा किया। जानकारी मिलने पर विधायक अश्वनी शर्मा और एसएसपी डा. सुरिंद्र कुमार कालिया, एसपी डी नरेंद्र बेदी, डीएसपी रुरल पीएस विर्क समेत भारी तादाद में पुलिस फोर्स के साथ अस्पताल पहुंचे । अश्वनी शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश भी नाकाम रही। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल के गेट को रस्सियों से बांधकर बंद कर दिया और आने जाने वालों को प्रवेश करने पर रोक दिया। उन्होंने एसएचओ को मुअत्तल करने, आरोपियों को हत्या का मामला दर्ज करने और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की मांग को लेकर शाम चार बजे तक खूब हंगामा किया। मृतक के भाई सुभाष चंद्र ने आरोप लगाया कि कानवां पुलिस पिछले डेढ़ माह से आरोपियों को बचाने में लगी है। पहले तो जानबूझकर केस को कमजोर किया गया और पैसे लेकर आरोपियों को छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर उनको टामटोल भरा जबाव दिया जाता रहा। इसके बाद एसएसपी डा. कालिया ने प्रदर्शनकारियों को आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें कल 12 बजे तक गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया इसके बाद ही प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल का गेट खोला।
इस बारे में एसएसपी डा. कालिया ने कहा कि आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें गिरफ्तार करने को टीमों का गठन कर दिया गया है। इस बाबत अश्वनी शर्मा ने कहा कि पुलिस को पूरी निष्पक्षता से मामले की जांच करने की हिदायतें जारी की गई हैं।
यह था मामला
पठानकोट। पटवारी अविनाश चंद्र तीन जून को गिरदोर शाम लाल के साथ गांव बनौर में जमीन की निशानदेही करने गए थे। जहां से रेलवे मुलाजिम यशपाल के साथ वापिस लौटते समय गांव माजरा के पास उनका स्कूटर स्लिप हो गया था। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों को शक था कि यदि स्कूटर स्लिप होता तो यशपाल को भी चोट आनी थी और स्कूटर भी क्षतिग्रस्त होना था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। इस पर अविनाश के परिजनों का आरोप था कि गांव माजरा के पूर्व सरपंच अमरजीत पंचायती जमीन को अपने नाम करने के लिए उस पर दबाव बना रहे थे और ऐसा न करने पर अमरजीत ने यशपाल और गिरदोर के साथ मिलकर उस पर हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया था और मामले को हादसे का रुप देने के लिए स्कूटर स्लिप होने का बहाना बना दिया। जबकि उसके शरीर पर तेज हथियारों से हमले किए गए थे। पुलिस ने उनके बयानों के आधार पर अमरजीत, यशपाल, शाम लाल, राम लुभाया समेत पांच के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
जांच को विशेष टीम का गठन
पठानकोट। पटवारी अविनाश चंद्र की मौत के मामले में पुलिस ने जांच को एसएसपी डा. सुरिंद्र कुमार कालिया ने एसपी डी नरेंद्र बेदी, डीएसपी पीएस विर्क और सीआईए स्टाफ के इंचार्ज दलजीत सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर दिया है और उन्हें जल्द मामले को हल करने की हिदायतें जारी की। उन्होंने मामले में संलिप्त प्रत्येक आरोपी से गहनता से पूछताछ करने की हिदायत दी।
एसएमओ डाक्टर अचला भाटिया ने कहा कि पोस्टमार्टम के लिए विशेष टीम गठित की गई है ताकि पोस्टमार्टम में सही रिपोर्ट सामने आ सके।
पुलिस पर भड़की पटवार यूनियन
पठानकोट। द रेवेन्यू पटवार यूनियन के अध्यक्ष विजय शर्मा, सेक्रेटरी अनिल कुमार, तहसील बॉडी प्रधान राजेश महाजन, जोगिन्द्र सिंह, गोपाल शर्मा, यशपाल सिंह, अश्वनी शर्मा ने बताया कि कानवां पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाए उन्हें बचाने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अविनाश चंद्र से मारपीट करकर उसे हादसे का नाम दिया गया है और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है जिसे सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्षता से जांच को लेकर यूनियन संघर्ष करेगी।
अस्पताल में परेशान होते रहे मरीज
पठानकोट। प्रदर्शन के चलते सिविल अस्पताल के मुख्य द्वार बंद होने से ईलाज को आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा तथा काफी देर इंतजार करने के बाद उन्हें विवश होकर बिना इलाज के ही सिविल अस्पताल से वापिस अपने घरों की ओर जाना पड़ा। वहीं जो रोगी सिविल अस्पताल में अपना उपचार करवा रहे थे उन्हें भी घंटों सिविल अस्पताल में बैठकर गेट खुलने का इंतजार करना पड़ा कि कब प्रदर्शनकारी शांत हो औैर गेट खुले तथा वह अपने घर की ओर जा सके।
पीड़ित परिवार को मिले इंसाफ
वहीं पूर्व विधायक अशोक शर्मा ने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ हैं तथा उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए चाहें उन्हें कहीं भी जाना पड़े वह साथ हैं। पुलिस प्रशासन को भी इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई करनी होगी तभी लोगों का विश्वास पुलिस प्रशासन पर कायम रहेगा।
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