विज्ञापन

दवाओं की कोल्ड चेन बरकरार रखना मुश्किल!

Pathankot Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पठानकोट। जिले में बिजली किल्लत के चलते हर वर्ग परेशान है। लगातार घंटों बिजली गुल रहने की वजह से अब सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं (वैक्सीन) की कोल्ड चेन को बरकरार रखना मुश्किल हो गया है। जबकि बिजली कट की दशा में दवाओं को निर्धारित तापमान में रखने के लिए फ्रीजरों को चौबीसों घंटे चलाने के लिए जरूरत होती है, लेकिन अस्पतालों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं है। जिससे अस्पताल प्रशासन के दवाओं को सुरक्षित रखने के दावे के बावजूद तापमान नहीं बन पाने की वजह से उनके खराब होने की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक जिला पठानकोट में सिविल अस्पताल से घरोटा, बधानी, सुजानपुर, नरोट जैमल सिंह समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में सरकारी वैक्सीन की सप्लाई की जाती है। अस्पतालों में डीपीटी, पीटी, टैटनस, बीसीजी, नेजल, हैपेटाइट्स-बी, पोलियो की वैक्सीन पड़ी है। जिन्हें फीजर के बीच 2 से 8 डिग्री निर्धारित तापमान पर स्टोर किया जाता है और इन वैक्सीन को बच्चों को लगाने के लिए दिन निर्धारित किए गए हैं। उधर, रोजाना 6 से 7 घंटे तक बिजली गुल रहने की वजह से जीवन रक्षक दवाओं को निर्धारित तापमान पर स्टोर करने के लिए दूरदस्थ स्थित सरकारी अस्पतालों में कोई वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में उनकी कोल्ड चेन को बरकरार रखना मुश्किल हो रहा है। पठानकोट सिविल अस्पताल में दवाओं को निर्धारित तापमान में रखने के लिए दो-दो डीप फ्रीजर और आईएलआर हैं। अस्पताल में उपलब्ध हाट लाइन की सुविधा कभी रानीपुर और कभी मेन फीडर में खराबी की वजह से दो दिन से प्रभावित हो रही है। इसकी वजह से 130 बिस्तर के पठानकोट सिविल अस्पताल में बिजली गुल होने पर दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए उपलब्ध जेनरेटर से काम चलाना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जीवन रक्षक दवाओं को चौबीस घंटे बिजली गुल रहने की सूरत में भी उसे बचाकर रखा जा सकता है। इसके अलावा आइस बाक्स में 72 घंटे तक दवा को सुरक्षित रखा जा सकता है और एक सप्ताह से ज्यादा समय के बाद उसे नजदीकी सेंटर पर शिफ्ट किया जा सकता है। लेकिन, बिजली कट की वजह से फ्रीजर में तापमान को बनाए रखना एक बड़ी समस्या है। इसका असर दवाओं का संतुलन कायम रखने में होता है और उनके खराब होने की भी संभावना रहती है।
इस बारे में पठानकोट के सिविल अस्पताल के कार्यवाहक एसएमओ डा. भूपिंद्र सिंह का कहना है कि आठ घंटे तक फ्रीजर में दवाओं को स्टोर करके रखा जा सकता है, लेकिन ज्यादा समय के लिए बिजली गुल रहती है तो समस्या खड़ी हो सकती है।
एसएमओ डा. अचला भाटिया ने कहा कि पिछले दो दिन से हाटलाइन की सुविधा में समस्या खड़ी हो रही है। उन्होंने बताया कि कल और आज लगातार जेनरेटर चलाकर बिजली आपूर्ति को बहाल किया गया है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Delhi NCR

गुरुग्राम: जेल की सुरक्षा में सेंध, दुष्कर्म का आरोपी कूड़े की गाड़ी में छिपकर हुआ फरार

गुरुग्राम के भोंडसी जेल से एक कैदी के फरार होने की जानकारी सामने आई है। दुष्कर्म के आरोप में सजा काट रहे कैदी ने जेल की सुरक्षा में सेंध लगा दी। 

22 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

टीम इंडिया ने बांग्लादेश को रौंदा, रविवार को पाकिस्तान से मुकाबला

शुक्रवार को खेले गए सुपर – 4 के पहले मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को रौंद दिया। पहले खेलने उतरी बांग्लादेश की टीम महज 173 रन ही बना सकी।  जिसे भारतीय बल्लेबाजों  ने 3 विकेट खोकर ही हासिल कर लिया।

22 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree