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सोलर सिस्टम वाले घरों का आठ लाख बिजली बिल बकाया

Panchkula bureauपंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 13 Oct 2019 01:30 AM IST
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मोहाली। बिजली के ऊंचे दामों से बचने और घरों में बिजली पैदा कर पावरकॉम को बेचने के उद्देश्य को लेकर कई लोगों ने सोलर सिस्टम लगाए थे। इसके बावजूद उन्हें पंजाब स्टेट पावर कारपोशन लिमिटेड की खामियों का नतीजा भुगतना पड़ रहा है। इलाके में कई लोगों को आठ लाख रुपये के बिजली बिल बताया जा रहा हैं जबकि उनके घरों पर सोलर सिस्टम भी लगे हैं। ऐसे ही खामी का शिकार सालों देश की सेवा करने वाले सेक्टर-71 में रहने वाले सेना के पूर्व अफसर हुए हैं। उन्हें बिल तो भेजे नहीं गए। लेकिन गलत तरीके से बिल बनाकर मोटे जुर्माने आदि दिए गए।
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वहीं, इस मामले में कंज्यूमर प्रोटेक्शन फेडरनेशन के पैटर्न व रिटायल कर्नल एसएस सोही ने बिजली विभाग के अधिकारियों को इस मामले में पत्र लिखा है। साथ ही बिल की खामियों को सुधारने की मांग की है। कर्नल सोही ने बताया कि उन्होंने गत वर्ष अपने घर में सोलर पावर सिस्टम लगवाया था। इसके तहत उनके घर में बनने वाली बिजली आगे ग्रिड को चली जाती थी। वहीं, बिजली विभाग की तरफ से एक साल के बाद उपभोक्ता के घर से बनी बिजली और प्रयोग की गई बिजली के आधार पर बिल बनाया जाता है। इस दौरान बिजली विभाग की तरफ कोई रकम निकलती है तो उपभोक्तओं की तरफ से अदा की जाती है।
विभाग खुद काट रहा कनेक्शन और खुद ही जोड़ रहा, खर्च उपभोक्ता के खाते में डाल रहे
पूर्व फौजियों कर्नल डीएस ढींढसा व कर्नल डीपी सिंह ने भी अपने घर में सोलर प्लांट लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि इस समय जिस तरीके से बिल विभाग को तैयार करना चाहिए, उस हिसाब से कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि अन्य उपभोक्ताओं की तरह बिजली विभाग उनके घर का बिल भी बना रहा है लेकिन इस संबंधी कोई जानकारी उपभोक्ताओं को नहीं भेजी जा रही है। उपभोक्ता यह सोचकर घर में बैठे रहते है कि उन्हें साल में एक बार ही बिजली का बिल भरना है जबकि बिजली विभाग के बिलिंग सिस्टम द्वारा उपभोक्ता को जुर्माना, लेट फीस व पेनल्टी लगाकर जुर्माना कई गुना बढ़ा दिया जाता है। यह रकम हर महीने बढ़ जाती है। वहीं, सिस्टम के रिकॉर्ड में बिजली बिल जमा न होने के चलते कनेक्शन तक काट दिया जाता है। यही नहीं फिर विभाग द्वारा खुद ही इसे जोड़ दिया जाता है। इसका खर्च उपभोक्ता के खाते में डाल दिया जाता है।
आठ-आठ लाख के आ रहे हैं बिल
कर्नल सोही ने बताया कि पूर्व फौजियों का बिज बिजली विभाग की तरफ से गलत तरीके से आठ आठ लाख रुपये दिखाया गया है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वे कहां जाएं। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर इस दिशा में उचित कार्रवाई करने की मांग की है ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।
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