‘इंजीनियरिंग’ और ‘मैनेजमेंट’ के प्रोफेसर पढ़ाएंगे पीजीआई में!

Mohali Updated Tue, 18 Dec 2012 05:30 AM IST
चंडीगढ़। आने वाले समय में पीजीआई के किसी भी विभाग में आप इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट के प्रोफेसर को एमडी, एमएस या डीएम और एमसीएच के विद्यार्थियों को पढ़ाते हुए देख सकते हैं। वहीं, पीजीआई के प्रोफेसर किसी न किसी मैनेजमेंट या इंजीनियरिंग कालेज में वहां के विद्यार्थियों को पढ़ाते नजर आएंगे। ऐसा होगा पीजीआई में शुरू होने वाली एडजेंक्ट प्रोफेसरशिप की नई व्यवस्था से। उम्मीद है आने वाली स्टैंडिंग एकेडमिक कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी भी मिल जाएगी।
पीजीआई प्रशासन ने विदेशों की तर्ज पर यहां एडजेंक्ट प्रोफेसरशिप को लागू करने की योजना बनाई है। सूत्रों के मुताबिक, इसकी रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। इसके तहत एकेडमिक व्यवस्था और तमाम अन्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए एडजेंक्ट प्रोफेसरशिप शुरू किया जाएगा। पीजीआई के एक वरिष्ठ प्रशासनिक चिकित्सक ने बताया कि इस व्यवस्था में न सिर्फ पीजीआई के अलग-अलग विभागों के चिकित्सकों को संस्थान में ही एक-दूसरे के विभाग में पढ़ाने के लिए शामिल किया जाएगा, बल्कि इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट संस्थानों के प्रोफेसर्स को भी उनकी विधा से संबंधित विभागों में बतौर एडजेंक्ट प्रोफेसर बनाया जा सकेगा। इसी तर्ज पर इन इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थानों में पीजीआई के चिकित्सक भी जाएंगे। उक्त चिकित्सक का कहना है कि संस्थान के प्रोफेसर्स को भी उनके विभागों से संबंधित विभागों में भी बहुत कुछ बारीकियों को समझने केे लिए एडजेंक्ट प्रोफे सर बनाया जा सकेगा। पीजीआई के प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस नई व्यवस्था का प्रस्ताव बन चुका है। जल्द ही स्टैंडिंग एकेडमिक कमेटी की बैठक में इस मुद्दे पर प्रस्ताव पास हो सकता है।
-----
ऐसा भी हो सकेगा
पीजीआई में अब दिल के डॉक्टर न्यूरो के डॉक्टरों को पढ़ाएंगे और सांसों की जानकारी रखने वाले डॉक्टर मेडिसिन के छात्रों को। मेडिसिन के डॉक्टर पैथोलॉजी विभाग में प्रोफेसर हो सकेंगे। ऐसे ही तमाम विभागों के चिकित्सक एक-दूसरे विभागों में पढ़ाएंगे। चिकित्सा जगत में प्रयोग होने वाले तमाम उपकरणों को बनाने के लिए की जाने वाली इंजीनियरिंग में भी पीजीआई के डॉक्टरों की भूमिका होगी।
---
क्या है एडजेंक्ट प्रोफेसर
कोई यूनिवर्सिटी या कालेज किसी विशेष मकसद के लिए पार्ट टाइम या कुछ समय के लिए अपने ही संस्थान के एक-दूसरे के विभाग, अन्य यूनिवर्सिटी या कालेज के प्रोफेसर को संस्थान में काम करने के लिए रखती है।

Spotlight

Most Read

Rampur

टेक्सटाइल्स की जमीन पर फिर अवैध कब्जे

रजा टेक्सटाइल्स की जमीन पर सप्ताह भर के भीतर ही फिर से अवैध कब्जे कर लिए गए। अवैध कब्जे को लेकर पुलिस व प्रशासन से मामले की शिकायत की गई है।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: चंडीगढ़ पुलिस ने किया ऐसा काम की पूरे देश में हो रही है तारीफ

चंडीगढ़ पुलिस का एक वीडियो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। रॉन्ग साइड से आ रही पंजाब पुलिस की पायलट गाड़ी का ट्रैफिक पुलिस ने चालान काट दिया। जिसकी हर ओर तारीफ हो रही है।

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper