दूसरा जन्म था मान सिंह मनहेड़ा का : जीत सिंह

Mohali Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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खरड़। बसपा नेता मान सिंह मनहेड़ा अक्सर अपने करीबी दोस्तों को अपने बचपन की अनहोनी सुना कर चौंका दिया करते थे। वीरवार को उनके निवास पर मौजूद उनके पिता जीत सिंह, निजी दोस्त मास्टर नछत्तर सिंह और बेटे सुरिंदर सिंह ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान बताया कि जब मान सिंह दो वर्ष के थे तो जिला फतेहगढ़ साहिब के गांव मनहेड़ा स्थित उनके घर के बाहर उनके परिजनों ने सर्दियों के मौसम में उन्हें धूप में लेटा दिया था। तभी अचानक बारिश होने के कारण उन्हें निमोनीया हो गया था। इससे उनकी हालत बिगड़ गई और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जीत सिंह ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अपने मासूम बेटे को गांव में दफना दिया। उनके यहां रस्म होती थी कि दफनाने के बाद बच्चे को कंगन पहनाए जाते थे। उन्होंने दोबारा से खुदाई कर बेटे को चांदी के कंगन पहना दिए और उसे दोबारा दफना दिया। बेटे को हमेशा के लिए खो बैठे परिवार ने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका बेटा दोबारा जिंदा हो जाएगा। मान सिंह मनहेड़ा का चाचा जो नशे का आदी था, ने रात को कब्र खोद कर कंगन चुराने का प्रयास किया तो बच्चे ने उसका हाथ पकड़ लिया। चाचा घबरा गया और वहां से भाग गया। इसके बाद उसने सारी घटना की जानकारी जीत सिंह और अन्य पारिवारिक सदस्यों को दी। इसके बाद सब मौके पर पहुंचे और कब्र खोदकर देखा तो मान सिंह की सांस दोबारा से चल रही थी। उन्होंने उनके द्वारा उसका बच्चे का इलाज करवाया गया और दोबारा घर की रोनक लौट आई। वही मान सिंह आज के बसपा के बड़े नेता थे।
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