बेटा तो खो गया, पर मेडल लौट आया

Mohali Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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मोहाली। फेज-11 निवासी रिटायॅर्ड कर्नल टीपी सिंह के घर से छह साल पहले चोरी हुआ महावीर चक्र मिल गया है। यह मैडल उन्हें दिल्ली की एक संस्था ने कोरियर कर भेजा है, जिसके बाद कर्नल के परिवार में खुशी का माहौल है। कर्नल ने बताया कि उन्हें यह मेडल उनके लिए काफी महत्व रखता है। देश के लिए उनके बेटे ने अपनी जान कुर्बान कर दी थी। भले ही आज उनका बेटा नहीं है, लेकिन यह मेडल उसकी वीरता का सबूत है। जिसे देखकर सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
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फेज-11 में रहने वाले रिटायॅर्ड कर्नल टीपी सिंह ने बताया कि मई 2006 में उनके घर पर चोरी हुई थी। इस दौरान कैश, ज्वैलरी, पिस्टल और उनके बेटे स्वर्गीय कैप्टन जीएस सूरी को मरणोप्रांत दिया गया महावीर च्रक भी चोरी हो गया था, जिसको तलाशने के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन जब कोई आशा नहीं दिखी तो उन्होंने दुखी होकर पुलिस से केस बंद करवा दिया और आर्मी को भी इस बारे सूचित कर दिया। इसी बीच छह साल बाद जुलाई -2012 अंत में उन्हें फोन आया। जिस पर फोन करने वाले ने बताया कि वह यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशंस ऑफ इंडिया से बोल रहे हैं। क्या आपके घर से मेडल चोरी हुआ था, उन्हें मैंने केस के बारे में पूरा बताया। फिर उन्होंने कहा कि आप दिल्ली आ सकते हैं, नहीं तो हम आपके पते पर मेडल भेज देते हैं। जिसके बाद उन्होंने मेडल भेज दिया। कर्नल टीपी सिंह ने बताया हम राजपुरा में रहते हैं। जैसे ही वह रविवार को अपने घर पहुंचे, तो पड़ोसियों ने मेडल कोरियर दिया। जब खोलकर देखा तो उसमेें मेडल निकला। कर्नल ने बताया कि वह जल्दी ही मेडल हमारे यहां पहुंचाने वाले आरटीएस छीना का धन्यवाद करने के लिए दिल्ली जाएंगे।
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एंटीक दुकान पर बिकने आया था मेडल
कर्नल टीपी सिंह ने बताया कि यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के सचिव और एडिटर आरटीएस छिन्ना ने उन्हें बताया कि उनके एक मित्र को पुरानी दुर्लभ चीजें संग्रह करने का शौक है। जब वह दिल्ली की एक एंटीक सामान बेचने वाली दुकान पर गए, तो उनकी नजर मेडल पर पड़ी। जिसे उन्होंने खरीद लिया। एक समय तो उन्हें लगा कि यह मेडल का रेप्लिका है। लेकिन जब उन्होंने उसे अच्छी तरह देखा तो उन्हें पता चला कि ओरिजनल मेडल है। इसके बाद उन्होंने नेट पर सारी जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने मुझे आप तक मेडल पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी। कर्नल ने बताया कि वह जल्दी ही उनका धन्यवाद करने के लिए दिल्ली जाएंगे।

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1999 में जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए थे कैप्टन जीएस सूरी
कर्नल टीपी सिंह ने बताया कि उनका बेटा कैप्टन जीएस सूरी नौ नवंबर 1999 में ऑप्रेशंस विरसा मुंडा के दौरान जम्मू-कश्मीर में शहीद हुआ। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी सेना के कई जवानों को मार कर अपने देश की रक्षा की थी। उनके अदम्य साहस, वीरता और लीडरशिप के लिए भारत सरकार के स्वर्गीय राष्ट्रपति केआर नारायण द्वारा उन्हें मरणोप्रांत महावीर चक्र दिया गया था।
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