फिर जगी सस्ती दवाओं की उम्मीद

Mohali Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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मोहाली। फेज छह स्थित सिविल अस्पताल में रोजाना आने वाले सैकड़ों मरीजों को सस्ती दवाएं मिलने की उम्मीद एक बार फिर जगी है। अब जिला रेडक्रॉस सोसाइटी ने अस्पताल का जन औषधि केंद्र चलाने की जिम्मेदारी ली है। अस्पताल की केमिस्ट शॉप खोलने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसके लिए सोसाइटी द्वारा फार्मासिस्टों के इंटरव्यू लिए गए थे, जिनमें से एक फार्मासिस्ट शॉर्टलिस्ट भी हो चुका है। इस महीने के आखिर तक जन औषधि केंद्र शुरू होने की उम्मीद है।
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सिविल अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र को अनियमितताओं एवं शिकायतों के बाद पिछले साल बंद कर दिया गया था। जिसके बाद से मरीज और उनके परिजनों का बुरा हाल है। दिन में भी दवाई लेने के लिए उन्हें काफी दूर जाना पड़ता है। रात को तो दूर-दराज तक दवाई नहीं मिलती। ओपीडी में आने वाले मरीजों में से बड़ी संख्या में लोग दवाई खरीदने के बाद एक बार डॉक्टर को दिखाना जरूरी समझते हैं। उन्हें दो-दो बार नेशनल हाईवे पार करना पड़ता है। लंबे समय से शहरियों के संगठनों की मांग थी कि किसी भी तरह सिविल अस्पताल में केमिस्ट शॉप शुरू की जाए, जिससे मरीजों को सस्ती दवाएं अस्पताल के अंदर ही मिल सकें। पर कई प्रोजेक्ट बनाए गए, जो सिरे नहीं चढ़े। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने डिप्टी कमिश्नर वरुण रूजम से इस संबंध में अपील की थी, तब रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा केमिस्ट शॉप के संचालन की रूपरेखा बनी।
अस्पताल के एसएमओ डा. राजीव भल्ला ने कहा कि यह शॉप नो प्रॉफिट नो लॉस आधार पर चलाई जाएगी। सारा फायदा मरीजों को दिया जाएगा। इसमें पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन द्वारा जारी सूची के मुताबिक ही दवाएं खरीदी जाएंगी। सस्ती से सस्ती दवाएं लेने के लिए कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है, ताकि मरीजों को फायदा मिले। वहीं, रेडक्रॉस सोसाइटी के सेक्रेटरी राज मल ने कहा कि इसी हफ्ते चुने गए फार्मासिस्ट को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। उसके बाद लाइसेंस, सेल्स टैक्स से संबंधित प्रक्रियाएं शुरू कर दी जाएंगी। लाइसेंस मिलते ही केमिस्ट शॉप शुरू कर दी जाएगी।
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पहले भी बनीं कई योजनाएं
पिछले साल जन औषधि केंद्र के बंद होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कई योजनाएं बनाईं। पर कोई भी सिरे नहीं चढ़ी। सबसे पहले रोगी कल्याण समिति द्वारा इसे चलाने का फैसला किया गया। पर जितना वेतन रखा गया था, उसमें कोई फार्मासिस्ट आने को तैयार नहीं हुआ। कई बार आवेदन मांगने के बाद इसे रद कर दिया गया। फिर अस्पताल प्रशासन ने सेहत विभाग में ही नियुक्त फार्मासिस्ट रख कर दुकान चलाने की योजना बनाई। फील्ड में तैनात दो फार्मासिस्ट तैयार हो गई, प्रस्ताव बनाकर डायरेक्टर हेल्थ को भेज दिया गया। पर तकनीकी कारणों से यह योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई।

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ओपीडी में छह सौ से ज्यादा मरीज
सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों की तादाद में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस समय अस्पताल की ओपीडी में छह सौ से साढ़े छह सौ तक मरीज रोजाना आ रहे हैं। वहीं, इंडोर पेशेंट डिपार्टमेंट में भी औसतन सवा सौ मरीज रहते हैं। माइनर और मेजर सर्जरी व डिलिवरीज भी बढ़ी हैं। ऐसे में केमिस्ट शॉप न होने से लोगों को काफी समस्या आती है।
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