बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

दारा स्टूडियो पहुंची रुस्तम-ए-हिंद की अस्थियां

Mohali Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मोहाली। रुस्तम-ए-हिंद स्व. दारा सिंह की अस्थियां सोमवार को दारा स्टूडियो लाई गईं। कुछ पलों के लिए अस्थि कलश स्टूडियो के उस कमरे में रखे गए, जहां दारा सिंह आराम किया करते थे। इस दौरान लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद अस्थियां प्रवाह के लिए किरतपुर साहिब ले जाई गईं।
विज्ञापन

सोमवार को स्व. दारा सिंह की अस्थियों को हवाई जहाज द्वारा मुंबई से चंडीगढ़ लाया गया। उसके बाद प्रवाह के लिए इन्हें किरतपुर साहिब ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ समय के लिए अस्थियां रास्ते में ही पड़ते दारा स्टूडियो में रखी गईं, जहां से स्व. दारा सिंह की कई यादें जुड़ी हैं। दोपहर करीब डेढ़ बजे सफेद ऑडी कार में बिंदु दारा सिंह और अमरीक सिंह पुलिस सुरक्षा के बीच अपने पिता की अस्थियां लेकर दारा स्टूडियो पहुंचे। उनके साथ पद्मश्री करतार सिंह, पंजाबी फिल्मों के निर्देशक एवं दारा सिंह के करीबी रिश्तेदार रतन औलख, अदाकर दविंदर मान के अलावा कुछ कलाकार, रिश्तेदार और पारिवारिक मित्र भी थे।

रुस्तमे-हिंद के आखिरी सफर के आखिरी पड़ाव पर दारा स्टूडियो से जुड़ी उनकी यादें सबके सामने तैर गईं। पंजाबी फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए एक सपने की तरह दारा सिंह ने स्टूडियो की स्थापना की थी। पर यह उनके पहले शौक कुश्ती से अछूता नहीं रहा। दारा सिंह ने खुद संत बाबा अजीत सिंह हंसाली वालों के आशीर्वाद से यहां अखाड़ा तैयार कराया था। जहां दारा सिंह के खास पहलवान स्व. गुलजार सिंह प्रशिक्षण देते थे। यहां कई दंगल भी आयोजित किए गए। करीब बीस मिनट ऐसी ही तमाम यादों से रूबरू होने के बाद बिंदु दारा सिंह एवं अमरीक सिंह अस्थियां लेकर किरतपुर साहिब के लिए रवाना हो गए।
00000
-- बॉक्स
जब अचानक नाटक में पहुंचे दारा सिंह
मोहाली। इतने बड़े कद-किरदार के मालिक दारा सिंह में इतनी सादगी थी कि एक बार उन्होंने नाटक के मंचन पर पहुंच कर सबको हैरान कर दिया। सरघी कला केंद्र के प्रधान संजीवन सिंह याद करते हैं कि 1995 में टैगोर थिएटर में केंद्र के नाटक मुख्य मेहमान का मंचन हो रहा था। जिसमें एकाएक दारा सिंह को देख हर कोई हैरान रह गया। बाद में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वह फिल्म व टीवी सीरियल के लिए कलाकारों की तलाश कर रहे हैं। संजीवन सिंह को उनके साथ पंजाबी फिल्म मैं मां पंजाब दी में काम करने का भी मौका मिला।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us