पानी में निकले कीड़े, शहर के लोग दशहत में

Mohali Updated Wed, 27 Jun 2012 12:00 PM IST
मोहाली। मिट्टी वाला बदबूदार पानी आने के मामले तो शहर में रोजाना ही सामने आ रहे हैं। लेकिन मंगलवार सुबह फेज-10 के लोग उस समय दशहत में आ गए। जब कई लोगों के घरों में पानी में कीड़े आए, जिसके बाद मोहल्ले के सभी लोग इकट्ठे हो गए। मौके पर वाटर सप्लाई विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया, जिन्होंने पानी का जायजा लिया। हालांकि कीड़े आने का कारण तो ेह साफ नहीं कर पाए, लेकिन लोगों के गुस्से को देखते हुए सारे मामले की जांच का आश्वासन दिया।
यह मामला फेज-10 के एलआईजी क्वाटरों में सामने आया। मंगलवार सुबह आठ बजे के करीब जब लोगों के घरों में लगे नलकों से पानी भर रहे थे। इस दौरान पानी से कीड़े आना शुरू हो गए। फेज-10 के मकान नंबर 1328-सी निवासी बलविंदर सिंह के बताया कि उनकी पत्नी प्रिया सुबह ताजा पानी भर रही थी। उसी समय पानी से कीड़े आना शुरू हुए। जो देखने में छोटे सांप की तरह लग रहे थे, जिन्हें देख वह डर गईं और तुरंत सारे परिवार वालों को बताया। इसी तरह इसी फेज के कुछ अन्य घरों में ऐसे कीड़े आने का मामला सामने आया। जिसके बाद मोहल्ले के सारे लोग इकट्ठा हो गए।
मौके पर वाटर सप्लाई विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया। मौके पर जेई कुलदीप सिंह की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम पहुंची, जिन्हें जब लोगों ने पानी दिखाया तो वे भी हैरान रह गए। उनका कहना था कि पानी में से कीड़े निकलना काफी हैरानी वाली बात है। उन्होंने बताया कि पानी ट्रीटमेंट प्लांट पर पूरी तरह साफ करके लोगों को भेजा जाता है। इस दौरान लोगों को गुस्सा फिर भड़क गया। जिसके बाद उन्होंने लोगों को आश्वासन दिलाया कि पानी में कैसे कीड़े आए हैं। इस मामले की सारी जांच की जाएगी। लोगों को साफ सुथरा पानी मुहैया करवाया जाएगा।

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विधायक सिद्धू ने सीएम को सौंपी रिपोर्ट
विधायक बलबीर सिद्धू ने बताया कि उन्होंने न सिर्फ विधानसभा में दूषित पानी का मुद्दा उठाया, बल्कि मोहाली के एक पूर्व पार्षद द्वारा कराई गई पानी की जांच की रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सौंपी, जिसके अनुसार मोहाली का पानी पीने योग्य नहीं है। सिद्धू ने कहा कि पानी जीवन रेखा है, अगर आश्वासन के बाद भी मुख्यमंत्री ने इस मामले में कुछ नहीं किया तो वह शहर के लोगों को साथ लेकर संघर्ष छेड़ेंगे।

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पानी के सैंपल भी हो गए फेल
कुछ दिन पहले ही शहर के पूर्व पार्षद मनजीत सिंह द्वारा फेज-3ए से पानी के दो सैंपल जांच के लिए भेजे थे। चंडीगढ़ नगर निगम के सब डिवीजनल इंजीनियर द्वारा की गई जांच में यह फेल हो गए थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि पानी में क्लोरीन बिल्कुल ही नहीं थी। जबकि पानी में हाईटरबिडिटी भी काफी अधिक थी। जो कि कुछ प्वाइंट होनी चाहिए थी। हालांकि विभाग के अधिकारी उस समय भी इसे नहीं मान रहे थे।

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