विज्ञापन

फेडरल बैंक को लगाया करोड़ों का चूना

Mohali Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मोहाली। स्टेट साइबर क्राइम ब्रांच ने ठगी के अपनी तरह के अनोखे मामले का पर्दाफाश किया है। जिसमें आरोपियों ने फेडरल बैंक, केरल के कमजोर सिक्योरिटी सिस्टम का फायदा उठा कर बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। उन्होंने रिवर्स ट्रांजेक्शन करके बड़े पैमाने पर ठगी की। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, केरल पुलिस ने भी इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आईजी क्राइम डॉ. शरद सत्य चौहान और स्टेट साइबर क्राइम के एसएसपी प्रदीप कुमार ने वीरवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में दी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुमित गुप्ता निवासी हैबोवाल, लुधियाना, कुलदीप सिंह निवासी कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश और हरप्रीत सिंह उर्फ भूरा निवासी कजेहड़ी, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से 545 ग्राम सोने के गहने, 121.80 ग्राम चांदी के गहने, 2.72 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों के 206 एटीएम कार्ड, आठ मोबाइल फोन, एक वरना व एक इनोवा कार और 14 लाख की प्रॉपर्टी के कागजात बरामद हुए हैं।
गिरोह का मास्टरमाइंड सुमित गुप्ता था, जोकि सहयोगियों से ढाई हजार रुपये में बैंकों का एटीएम कार्ड व पासवर्ड लेता था। साथ ही अकाउंट खुलवाने के लिए भी उन्हें दस हजार रुपये देता था। अकाउंट खुलने के बाद सुमित व अन्य सदस्य फेडरल बैंक केरल के पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली स्थित एटीएम से रिवर्स ट्रांजेक्शन करते थे। फेडरल बैंक के सबसे ज्यादा एटीएम केरल में हैं, इसलिए वहां से भी काफी पैसे निकलवाए गए। इस तरीके से सुमित गुप्ता ने फेडरल बैंक को करोड़ों रुपये का चूना लगाया और प्रॉपर्टी खरीदी।
उन्होंने बताया कि फेडरल बैंक को पैसे निकाले जाने के बारे में काफी देर बाद पता चला। तब केरल के एर्नाकुलम जिले में 31 मई को पहली एफआईआर दर्ज की गई। पांच जून-12 को बैंक को पंजाब की ब्रांचों से पैसे निकालने जाने का पता चला। जिसके बाद स्टेट साइबर क्राइम ने 18 जून को परचा दर्ज कर जांच शुरू की। इस कड़ी में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वीरवार को कोर्ट में पेश किया, जिन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
उधर, केरल पुलिस ने भी गिरोह के दो सदस्यों इशू उर्फ रमनदीप और सनी को गिरफ्तार किया है। सनी, गिरोह के मास्टरमाइंड सुमित गुप्ता का भाई है। पुलिस के मुताबिक अभी तक एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी सामने आई है जोकि काफी ज्यादा भी हो सकती है।

-- बॉक्स
कैसे लगाया फेडरल बैंक को चूना
एसएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि आरोपी पहले दूसरे बैंकों के एटीएम कार्ड बनवाते थे। इनमें 25-30 एटीएम कार्ड इनके नाम पर हैं, बाकी कार्ड दूसरे लोगों के नाम पर थे, जिनके लिए इन्होंने पैसे दिए थे। कई बार कार्ड बनवाने के लिए जाली दस्तावेज भी इस्तेमाल किए गए। किसी भी बैंक में अकाउंट खोलते समय यह उसमें दस हजार रुपये जमा करा देते थे। फिर उस बैंक का एटीएम कार्ड लेकर फेडरल बैंक के एटीएम में जाते थे। वहां दस हजार रुपये विड्रॉल का ऑप्शन भरते थे। जैसे ही एटीएम मशीन दस हजार रुपये निकालती थी। यह लोग सौ रुपये का एक नोट मशीन के प्रेजेेंटर में जानबूझ छोड़ देते और मशीन कुछ ही सेकेंड में उसे री-कैप्चर कर लेती थी। एक नोट वापस आने के बाद मशीन ट्रांजेक्शन-कैंसल का मैसेज भेजती थी। जबकि, फेडरल बैंक के एटीएम से 9,900 रुपये निकाले जा चुके होते थे। आईजी एसएस चौहान ने कहा कि फेडरल बैंक का सिक्योरिटी सिस्टम दूसरे बैंकों की तुलना में कमजोर होने के कारण ही आरोपियों ने उसे टारगेट बनाया। जब तक बैंक को ठगी का पता चला, आरोपी करोड़ों रुपये निकाल चुके थे। पंजाब में ही फेडरल बैंक के 22 एटीएम हैं। सबसे ज्यादा एटीएम केरल में हैं, इसलिए आरोपियों नेे वहां जाकर पैसे निकलवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us