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पड़ोसी के साथ विवाद में फिजा गिरफ्तार

Mohali Updated Fri, 01 Jun 2012 12:00 PM IST
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मोहाली। हरियाणा की पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल अनुराधा बाली उर्फ फिजा के खिलाफ वीरवार को थाना फेज 11 पुलिस ने परचा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिजा को दोपहर में अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने जनवरी में एक पड़ोसी के साथ हुए विवाद में फिजा पर क्रॉस केस दर्ज किया है।
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सेक्टर-48 सी निवासी फिजा और उनके पड़ोस में रहने वाले संजय अग्रवाल के साथ इस साल 11 जनवरी को उनका विवाद हुआ था। बच्चों के खेलने को लेकर हुए विवाद में फिजा के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें जीएमसीएच-32 में दाखिल कराया गया था। उनके सिर में बीस टांके लगे थे। दूसरी तरफ संजय अग्रवाल और उनकी पत्नी नीरू भी सिविल अस्पताल में दाखिल हुए थे। तब थाना फेज 11 पुलिस ने फिजा की शिकायत पर संजय अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341 के तहत परचा दर्ज कर लिया था। इसके बाद मामले की जांच एआईजी अमृत बराड़ को सौंपी गई थी। उन्होंने पूरी जांच और आसपास के लोगों के बयान दर्ज करने के बाद अपनी रिपोर्ट स्थानीय पुलिस को सौंपी। रिपोर्ट में फिजा के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। इसके साथ ही रिपोर्ट में मनोचिकित्सकों के पैनल से फिजा की जांच कराने की भी सिफारिश की गई थी। फिजा जांच रिपोर्ट को पहले ही हाईकोर्ट में चुनौती दे चुकी है। उनकी याचिका पर बराड़ को नोटिस ऑफ मोशन भी हो चुका है। उसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने वीरवार को फिजा के खिलाफ परचा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। संजय अग्रवाल की शिकायत पर दर्ज मामले में पुलिस ने फिजा के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 452, 506, 148, 149 लगाई हैं।

फिजा बोलीं, इसी तरह बनते हैं अपराधी
मोहाली अदालत में पेशी के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान फिजा ने कहा कि इसी तरह लोगों को अपराधी बनाया जाता है। हमला उन पर हुआ, कई दिन तक वह आईसीयू में भरती रहीं और अब परचा भी उन पर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना फेज 11 पुलिस ने मिलीभगत से उनके खिलाफ गलत परचा दर्ज किया है।
अब तक नहीं आई फिजा की मेडिकल रिपोर्ट
थाना फेज एक पुलिस ने फिजा की शिकायत पर संजय अग्रवाल के खिलाफ परचा तो दर्ज कर लिया था, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस में नई धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया अब तक नहीं हुई है। दिलचस्प बात है कि पांच महीने बाद भी पुलिस को जीएमसीएच-32 से फिजा की मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। थाना फेज 11 के एसएचओ गुरमीत सिंह सोहल ने कहा कि एक बार अस्पताल से रिपोर्ट आई थी, जो स्पष्ट नहीं थी। उन्हें लिखा गया है कि नेचर-ऑफ-इंजरी स्पष्ट किया जाए कि चोट कितनी घातक थी। रिपोर्ट आने के बाद परचे में जरूरत के मुताबिक धाराएं जोड़ी जाएंगी।

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