संतान से दस हजार तक गुजारा भत्ता ले सकते हैं माता-पिता

Ludhiana Updated Sun, 23 Dec 2012 05:31 AM IST
मुक्तसर। जिला एवं सेशन जज कम चेयरमैन जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी विवेक पुरी और अथॉरिटी के सचिव दलजीत सिंह रलहन के दिशा-निर्देशों पर शनिवार को गांव रहूड़ियांवाली की दलित धर्मशाला में कानूनी अधिकारों संबंधी जागरूकता सेमिनार कराया गया। इसमें पिछड़ी जाति से संबंधित लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार सहित जानकारी दी गई। साथ ही उनके लिए बनी मुफ्त कानूनी सहायता स्कीमों के बारे में भी बताया गया।
सेमिनार में एडवोकेट करनवीर इंदौरा और एडवोकेट बख्शीश सिंह सिद्धू ने उपस्थित लोगों को अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, बुजुर्गों तथा बच्चों को अथॉरिटी द्वारा दी जाने वाली कानूनी सेवाओं और अधिकारों की जानकारी दी। इंदौरा ने बताया कि मुक्तसर, मलोट और गिद्दड़बाहा की कचहरियों में मुफ्त कानूनी सलाह केंद्र खुले हुए हैं। सेमिनार के दौरान पैरा लीगल वालंटियर मक्खन सिंह, सरपंच जगतार सिंह, ग्राम पंचायत सदस्य नाजर सिंह, एडवोकेट नवजोत सिंह हेयर उपस्थित थे।
गांव थांदेवाला में आयोजित कानूनी साक्षरता कैंप को संबोधित करते हुए एडीए लीगल सुरिंदर सचदेवा ने बताया कि वृद्धावस्था में माता-पिता की उचित देखभाल न करने वाली संतान से अभिभावक एक साधारण कानूनी प्रक्रिया के जरिए दस हजार रुपये प्रति माह गुजारा भत्ता लेने का अधिकार रखते हैं। जमीन-जायदाद बच्चों के नाम करने के बाद अगर संतान माता-पिता का उचित सम्मान न करे तो ऐसे बुजुर्ग अपनी जमीन-जायदाद का मालिकाना हक वापस ले सकते हैं। संतान से गुजारा भत्ता लेने के लिए कोई भी बुजुर्ग मेंटनेंस एंड वेलफेयर आफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट 2007 के अनुसार अपने क्षेत्र के एसडीएम के पास प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। इस केस में वकील करने की भी कोई जरूरत नहीं है।


Spotlight

Most Read

National

पाकिस्तान की तबाही के दो वीडियो जारी, तेल डिपो समेत हथियार भंडार नेस्तनाबूद

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत के जवाबी हमले में पाकिस्तान की कई फायरिंग पोजिशन, आयुध भंडार और फ्यूल डिपो को बीएसएफ ने उड़ा दिया है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

सरकारी बेरुखी ने बनाया इस गोल्ड मेडेलिस्ट को मजदूर

स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 स्वर्ण पदक विजेता 17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह आजकल बदहाली में जी रहे हैं। राजबीर की ये बदहाली सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावों की कलई खोल रही है।

27 दिसंबर 2017

Recommended

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper