दो स्कूली वैनों में टक्कर, 10 बच्चे घायल

Ludhiana Updated Sun, 23 Dec 2012 05:31 AM IST
बरेटा (मानसा)। गांव मंडेर के पास शनिवार सुबह के समय दो स्कूली वैनों की टक्कर हो गई जिसमें करीब 10 बच्चे जख्मी हो गए। इनमें से एक बच्चे की हालत नाजुक है। उनको बरेटा के अस्पताल में लाया गया जहां डाक्टर न होने के कारण बच्चों को बुढलाडा के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहीं सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस के एक घंटा देरी से पहुंचने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कुलरिया-बरेटा पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में डीएसपी के आश्वासन पर लोग माने।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे गांव मंडेर के पास मनु वाटिका स्कूल बुढलाडा की स्कूल वैन नंबर पीबी 31 डी 8170 बच्चों को लेकर कुलरिया से बरेटा आ रही थी। बस की मंडेर के पास बरेटा से कुलरिया के सरकारी आदर्श माडल स्कूल के लिए बच्चों को ले जा रही बिना नंबर की टाटा मैजिक के साथ टक्कर हो गई। बच्चों की आवाज सुन आसपास खेतों में काम करते लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को बुलाया गया। लोगों ने जख्मी हुए बच्चों को तुरंत एंबुलेंस और निजी वाहनों के जरिये बरेटा के सिविल अस्पताल में लाया गया। जहां कोई भी डॉक्टर न होने के कारण उनको प्राथमिक सुविधा नहीं मिल सकी। इस पर उन्हें बुढलाडा के अस्पताल में दाखिल करवाया गया। घायलों में गौरव बरेटा की हालत नाजुक, लेकिन खतरे से बाहर है। सूचना मिलते ही डीएसपी बलविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि पुलिस अपनी कार्रवाई अमल में ला रही है।
इसी बीच हादसे वाली जगह पर पुलिस एक घंटा देरी से पहुंचने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कुलरिया-बरेटा पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस को तुरंत सूचित कर दिया गया था, लेकिन पुलिस एक घंटा देरी से पहुंची। डीएसपी ने धरनाकारियों को आश्वासन दिलाया कि आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी जिसके बाद धरना खत्म हो गया। लोगों में इस बात पर भी रोष था कि बरेटा अस्पताल में सहूलियत न होने के कारण इस तरह के हादसों में कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती।

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