कालेज में पुराने दिनों की यादों को किया ताजा

Ludhiana Updated Fri, 21 Dec 2012 05:33 AM IST
लुधियाना। बड़े चेते आउंदे ने यार अणमुल्ले, हवा दे बुल्ले... गीत के बोल उस समय सबको खूब गुदगुदाए, जब पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की पहली एलुमनी मीट के दौरान वर्षों पुराने साथी एक छत के नीचे एकत्रित हुए और अपनी पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। उनकी चर्चा में कालेज के लेक्चर से लेकर कैंटीन की चाय की चुस्कियां भी शामिल थीं।
1983 बैच में एमएससी करने वाली किरनदीप ने बताया कि वह अपने समय में कालेज की बेस्ट फोक आर्टिस्ट थीं। उसके कालेज टीम में दो रिकार्ड थे। यूथ फेस्टिवल, कालेज के रंगारंग कार्यक्रम में हिस्सा लेना उसकी हाबी थी। किरनदीप ने बताया कि यूनिवर्सिटी की एलुमनी मीट का पता चला तो वह शामिल होने के पहुंची, यहां आकर अपनी पुराने साथियों से मिलने का मौका मिला। मजे की बात है कि उस समय के उनके ग्रुप के सभी साथी उनके यहां मिल गए और सभी मिल कर अपने कालेज जाकर पुरानी यादों को ताजा किया और अपनी क्लास, कैंटीन सभी जगह को देखा, कुछ देर कैंटीन में बिताई। किरनदीप ने बताया कि वह अपने समय में बेस्ट फोक आर्टिस्ट थे उस समय उसे मुंदरी देजा माहिया....गीत पर पुरस्कार मिला था। आज वर्षों बाद कालेज में आकर फिर गुनगुनाने का मन कर रहा है। मौका मिला तो वह चन्ना वे घर आजा वे......गीत जरूर गाएंगी। हद्यपाल कौर ने बताया कि उन्होंने पीएयू के होमसाइंस कालेज में 1983 बैच से एमएससी की थी। आज अपने कालेज में इतने वर्षों के बाद आकर काफी अच्छा लगा। वह पंजाब यूथ सर्विस वेलफेयर में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि वर्षो बाद साथियों से मिल कर पुरानी यादें ताजा कर हो गई। अपने कालेज में जाकर बहुत अच्छा लगा और वहां के विद्यार्थियों के साथ इंटरेक्ट किया। अमेरिका के विशेष तौर पर समारोह में शामिल होने पहुंची जगदीप ग्रेवाल ने बताया कि वर्षों बाद अपने ग्रुप से मिल कर लगा कि जैसे आज भी वह कालेज के विद्यार्थी है। जालंधर के आर्य कालेज की लेक्चरार सीमा अग्रवाल, मनदीप कौर, प्रवीण ग्रोवर सभी ने कालेज परिसर में दौरा किया और नए विद्यार्थियों के मिल कर अपनी अनुभव बांटे।

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