मरीजों से झंडा दिवस समागम की वसूली

Ludhiana Updated Wed, 19 Dec 2012 05:31 AM IST
मानसा। सरकारी अस्पताल में मरीजों से झंडा दिवस के नाम पर पैसे लेने का मामला सामने आया है। एक महिला से इस समागम के नाम पर 30 रुपये लिए गए तो उसने इस पर सवाल उठाया लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि वह तो जिला प्रशासन का हुक्म मान रहे हैं। सात दिसंबर को हुए समागम के खर्चे के लिए यह पैसे लिए जा रहे हैं, लेकिन मरीजों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनके कार्ड पर झंडे वाली टिकट लगाकर उनसे पैसे ले लिए जाते हैं। किसी मरीज की फाइल पर दो तथा किसी की फाइल पर तीन टिकटें लगाई जा रही हैं और प्रति टिकट मरीज से 10 रुपये वसूले जाते हैं।
सोमवार को महिला मरीज जसविंद्र कौर पत्नी जगसीर सिंह सिविल अस्पताल में दाखिल होने के लिए आई तो उसकी फाइल पर अन्य खर्चों के अलावा 30 रुपये की वसूली करके राष्ट्रीय झंडा दिवस की टिकट लगा दी गई। जब उसने इस बारे में सेहत कर्मियों से पूछा तो उसे जवाब मिला कि यह सरकारी फीस है। जसविंद्र कौर ने कहा कि उनको इस बारे में कुछ पता तक नहीं।
राष्ट्रीय झंडा दिवस सात दिसंबर को मनाया गया लेकिन इस दिवस को मनाने के लिए आए खर्चे आदि को पूरा करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 11 दिसंबर को सेहत विभाग को पत्र भेजकर वसूली के आदेश दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा सेहत महकमे को भेजे पत्र में इसके लिए 81 सौ रुपये की वसूली करने के हुक्म दिए गए हैं। सेहत कर्मचारियों और अधिकारियों का कहना है कि वह हुक्म बजा रहे हैं। इसकी अदायगी 31 दिसंबर तक जमा करवाई जानी है।
एसएमओ का कामकाज देख रहे डा. निशान सिंह ने कहा कि उच्च अधिकारियों द्वारा मिले पत्र के तहत यह टिकटें लगाई जा रही हैं। उनका अपना कोई फैसला नहीं है। डीसी अमित ढाका ने कहा कि यह मामले उनके ध्यान में नहीं। वह इसकी पड़ताल करवाएंगे।
वहीं रेडीकल पीपुल्ज फोरम के जसपाल खोखर और शिवचरण सूचन ने कहा कि मरीजों पर ऐसा बोझ डालना उनको इलाज से वंचित करने के बराबर है और यह अदायगी बंद होनी चाहिए।

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