मार्का लगाने के नाम पर करोड़ों का चूना!

Ludhiana Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
मोगा। पंजाब में आढ़तियों की ओर से बोरियों पर मार्का लगाने के नाम पर करोड़ों का गोलमाल किए जाने की आशंका है। किसान संगठन ने शक जताया है कि इस गड़बड़ी में खरीद एजेंसियों के भी कुछ लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि पनसप के अफसर किसी घोटाले से इनकार कर रहे हैं।
पंजाब सरकार की हिदायतों के अनुसार मंडी में धान की खरीद के दौरान आढ़तियों की ओर से बोरी पर अपना मार्का लगाना जरूरी है। मार्का लगाने के लिए आढ़तियों को 25 पैसे प्रति बोरी खरीद एजेंसी की ओर से अदायगी की जाती है। इस बार सूबे की मंडियों में तकरीबन 135 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। 35 किलो वजन की बोरी भरी जाती है। लेकिन, आढ़ती मार्का नहीं लगा रहे जबकि एजेंसियों से 25 पैसे प्रति बोरी वसूल रहे हैं। इसमें खरीद एजेंसी भी अपना बनता हिस्सा लेती है। खरीद एजेंसी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि नमी व धान की घटिया क्वालिटी के नाम पर किसानों से कटौती करके धान की खरीद भी की गई है। इस घोटाले की पुष्टि किसान नेता गुलजार सिंह घलकलां ने की। भारतीय किसान यूनियन (लक्खोवाल) के महासचिव गुलजार सिंह घलकलां ने किसानों से 100 बोरी पीछे 10 बोरी की कटौती की गई है। लेकिन जो किसान उनके पास शिकायत लेकर आए, उनकी कटौती नहीं होने दी गई। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान पवन बांसल ने भी माना कि इस बार कुछ पुराना बारदाना और धान की तेज आमद होने कारण आढ़ती मजबूरी के चलते मार्का नहीं लगा सके।

कोट्स----------------
आढ़तियों द्वारा करीब-करीब सभी बोरियों पर मार्का लगाया जा रहा है।
मनप्रीत सिंह,जिला मैनेजर, पनसप
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मेरी जानकारी के मुताबिक मार्का लगाना जरूरी नहीं है।
धनवीर सिंह,जिला मंडी अफसर
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बोरियों पर मार्का लगाना जरूरी है, लेकिन आढ़ती कम ही लगाते हैं।
प्रताप सिंह, सचिव,मार्केट कमेटी
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नई बोरी में माल भरने पर मार्का लगाना जरूरी है, लेकिन इस बार कुछ पुराना बारदाना व धान की तेज आमद होने कारण आढ़ती मजबूरी के चलते मार्का नहीं लगा सके।
पवन बांसल, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन मोगा

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