पंजाब का किसान अब केंद्र पर निर्भर : बादल

Ludhiana Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के गोल्डन जुबली कनवोकेशन में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने राज्य को गेहूं-धान फसल चक्र से निकालने के लिए विशेष पैकेज समेत पीएयू के लिए अलग से फंड की वकालत की, लेकिन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह सारे मसलों पर चुप्पी साध गए।
कनवोकेशन में मुख्यमंत्री ने राज्य की कृषि और किसान की हालत का रोड मैप पेश करते हुए प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि मौजूदा कृषि संकट का तुरंत निपटारा नहीं किया गया तो इससे गंभीर हालात पैदा हो सकते हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति भी खराब हो सकती है। वहीं अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अनाज की आत्मनिर्भरता के लिए पीएयू के योगदान की सराहना की। कृषि को हाई-टेक बनाने की जरूरत पर जोर दिया, रिसर्च पर फोकस करने को प्रेरित किया, किसानों को नई दिशा देने की बात की, लेकिन कृषि की आर्थिक मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाए।
बादल ने साफ किया कि सूबे के किसानों पर 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। खेती की आमदनी कम हो रही है। अब कृषि धंध फायदे वाला नहीं रहा। छोटे और मध्यम किसान कृषि से तौबा कर चुके हैं, नतीजतन किसानों की संख्या पांच से कम होकर तीन लाख रह गई है। पंजाब के किसानों का भविष्य अब केंद्र सरकार के हाथ में है, क्योंकि कृषि लागत मसलन खाद, कीट नाशक, डीजल इत्यादि के दाम केंद्र तय करता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना भी केंद्र के हाथ में है। इन अहम फैसलों में केंद्र राज्यों से राय नहीं करता। पंजाब सरकार सूबे के किसानों को छह हजार करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी दे रही है। इसे लेकर भी सरकार की आलोचना हो रही है, जबकि हालत यह है कि अमेरिका, आस्ट्रेलिया समेत विश्व के अधिकतर देश कृषि पर सब्सिडी दे रहे हैं। उन्होंने केंद्र से मांग की है कि किसानों को आवश्यक सब्सिडी दी जाए। उन्होंने दुख जताया कि राज्य में हाल ही में सूखे जैसी स्थिति पर सूबा सरकार ने केंद्र से ग्रांट देने का आग्रह बार-बार किया, लेकिन अब तब सूखा राहत पैकेज नहीं मिला है। कुछ दिन पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब आया था, उनसे भी राहत पैकेज की मांग की गई थी, लेकिन उस पर भी अभी तक कुछ नहीं हुआ।
राज्य में कृषि विविधिकरण को प्रोत्साहित करने के लिए सीएम ने केंद्र से पूर्वी राज्यों को मिले चार हजार करोड़ के पैकेज की तर्ज पर पांच हजार करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की। बादल ने कहा कि देश की अनाज सुरक्षा में अहम योगदान करने वाले किसानों को राहत के लिए केंद्र को हाथ बढ़ाना चाहिए और किसानों की बकाया मांगों का तुरंत हल किया जाए।
फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए बादल ने पंजाब में सोयाबीन खोज केंद्र स्थापित करने की भी मांग की। इसके अलावा मछली पालन खोज केंद्र भी मंजूर करने की भी मांग की। बादल ने कहा कि राज्य सरकार ने आर्थिक संकट से जूझ रही पीएयू के लिए राज्य का योगदान 103 करोड़ से बढ़ा कर 270 करोड़ रुपये कर दिया है। केंद्र को भी विश्वविद्यालय को सौ करोड़ रुपये की सालाना ग्रांट पीएयू को देनी चाहिए। तभी राज्य में फसल विविधिकरण को बढ़ावा दिया जा सकेगा।

सीएम की मांगें
. कृषि विविधिकरण के लिए पांच हजार करोड़ का विशेष पैकेज
. पीएयू के लिए सौ करोड़ की सालाना ग्रांट
. पंजाब में सोयाबीन रिसर्च सेंटर खोलने का आग्रह
. किसानों को आवश्यक सब्सिडी देने की मांग
. मछली पालन खोज केंद्र भी मंजूर करने की मांग

Spotlight

Most Read

Bareilly

बच्चो! 100 रुपये में स्वेटर खा लो

नकारा सिस्टम सरकारी योजनाओं को तो पलीता लगाता ही है, उसे गरीब बच्चों से भी कोई हमदर्दी नहीं है। सर्दी में बच्चों को स्वेटर बांटने की व्यवस्था ही देख लीजिए..

20 जनवरी 2018

Related Videos

सरकारी बेरुखी ने बनाया इस गोल्ड मेडेलिस्ट को मजदूर

स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 स्वर्ण पदक विजेता 17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह आजकल बदहाली में जी रहे हैं। राजबीर की ये बदहाली सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावों की कलई खोल रही है।

27 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper