रीमा जैन हत्याकांड में चार को उम्रकैद

Ludhiana Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
लुधियाना। शहर के बहुचर्चित रीमा जैन हत्याकांड में सोमवार को एडिशनल सेशन जज सर्बजीत सिंह पनेसर की अदालत ने उद्यमी अनिल जैन समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। मालूम हो कि अनिल जैन उर्फ मिक्की रीमा का जेठ है। उसने अपने तीन सहयोगियों की मदद से 2005 में इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। सजा पाने वाले अन्य दोषी हैं- गांव नारंगवाल का जसबीर सिंह, गांव मंडियाणी का कुलदीप सिंह और गांव कोटमन का तरसेम सिंह।
आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 364 समेत कई धाराओं में मामला चल रहा था। पीडि़त पक्ष के वकील पतविंदर गरेवाल और विनोद गुप्ता व जिला अटार्नी प्रोमिला जैन ने इस मामले में मौत की सजा के लिए अदालत से वकालत की थी लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद उम्रकैद की सजा सुनाई।
वर्ष 2005 में 30 जुलाई को मॉल रोड पर रीमा का रहस्यमय परिस्थितियों में अपहरण हो गया था। उस वक्त रीमा सतलुज क्लब में स्वीमिंग के लिए जा रही थी। रीमा के पुत्र भानू प्रताप की शिकायत पर 31 जुलाई को पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज करके जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने रीमा की कार 16 अगस्त को दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर से बरामद की। 17 फरवरी 2006 को रीमा का क्षत विक्षत शव उसके जेठ मुख्य आरोपी अनिल जैन उर्फ मिक्की की फैक्टरी के टैंक से बरामद किया गया।
मिक्की की गिरफ्तारी के बाद साफ हुआ कि उसी ने अपने भाई की पत्नी की हत्या के लिए लाखों रुपये की सुपारी दी थी। मिक्की की निशानदेही पर उसकी फैक्टरी के टैंक से उसका शव बरामद किया गया था। हत्या करने से पहले रीमा के साथ मारपीट भी की गई और संपत्ति दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद उसके शव को गहरे टैंक में छिपा दिया गया। क्षत विक्षत शव का रीमा की मां के साथ डीएनए कराने पर उसकी पुष्टि हुई थी।

Spotlight

Most Read

National

पाकिस्तान की तबाही के दो वीडियो जारी, तेल डिपो समेत हथियार भंडार नेस्तनाबूद

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत के जवाबी हमले में पाकिस्तान की कई फायरिंग पोजिशन, आयुध भंडार और फ्यूल डिपो को बीएसएफ ने उड़ा दिया है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

सरकारी बेरुखी ने बनाया इस गोल्ड मेडेलिस्ट को मजदूर

स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 स्वर्ण पदक विजेता 17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह आजकल बदहाली में जी रहे हैं। राजबीर की ये बदहाली सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावों की कलई खोल रही है।

27 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper