पच्चीस फीसदी तक बढ़ेगी वूलेन की मांग

Ludhiana Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। नवंबर माह के दौरान सामान्य से कम तापमान ठंडक का अहसास दिला रहा है। कुदरत की इस मेहर के चलते रिटेल काउंटरों पर वूलेन गारमेंट की मांग शुरू हो गई है। पिछले साल कमजोर विंटर सीजन की मार झेलने के बाद इस सीजन में बनी अनुकूल परिस्थितियों से वूलेन गारमेंट निर्माता उत्साहित हैं। मौसम की चाल को देखते हुए लगता है कि इस बार विंटर सीजन अधिक लंबा होगा। उद्यमियों का अनुमान है कि वूलेन गारमेंट की मांग बीस से पच्चीस फीसदी तक उछल सकती है। इस बाजार को कै श करने के लिए उद्यमियों ने अभी से ही पूरी रणनीति बना ली है।
काबिलेजिक्र है कि पिछले कुछ सालों से नवंबर माह के दौरान तापमान सामान्य से अधिक ही रहा है। इसलिए सर्दी का अहसास दिसंबर माह से ही होता रहा है। लेकिन इस बार नवंबर में भी अच्छी सर्दी पड़ रही है। अधिकतर लोेगों ने अब सुबह शाम वूलेन गारमेंट पहनना शुरू कर दिया है। दूसरे दिवाली नवंबर में आने के चलते इस बार त्योहारी सीजन में जनता ने टेक्सटाइल की बजाए वूलेन गारमेंट की खरीद को तवज्जो दी है। नतीजतन रिटेल बाजार में वूलेन गारमेंट की मांग बढ़ गई है। एमपी गारमेंट्स के संचालक गुरिंदर सिंह एमपी का कहना है कि इस बार वूलेन की अच्छी बिक्री नवंबर मे ही हो रही है।
उधर निटवियर, अपैरल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ लुधियाना (कमल) के प्रेसिडेंट सुदर्शन जैन का कहना है कि पिछले साल सर्दी सीजन कमजोर रहने के कारण इकाइयों एवं रिटेलर के पास करीब बीस फीसदी माल का स्टॉक हो गया था। नवंबर में विंटर गारमेंट की मांग निकलने और सर्दी सीजन लंबा होने की संभावनाओं को देखते हुए लगता है कि इस बार वूलेन का माल बाजार में नहीं बचेगा। मांग में हो रही वृद्धि को देखते हुए इस बार अच्छे रिपीट आर्डर आने की संभावना है। जैन ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले गारमेंट की कीमतों में पांच फीसदी तक की मामूली वृद्धि हुई है, क्याेंकि पिछले साल कीमताें में अच्छा खासा उछाल आया था। लेकिन इस बार इनपुट लागत में काफी इजाफा हुआ है।

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