तो क्या ढाई सौ करोड़ का निर्यात प्रभावित होगा!

Ludhiana Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। पहले से ही आर्थिक मंदी की मार झेल रहे अमेरिका में अब सैंडी हेरिकेन ने भारी तबाही मचाई है। इसके चलते पंजाब के निर्यातकाें की चिंताएं भी बढ़ रही हैं, क्योंकि राज्य का करीब बीस फीसदी निर्यात अकेले अमेरिका को ही किया जाता है। निर्यातकों का तर्क है कि इस तूफान के बाद स्थिति सामान्य होने में करीब एक माह तक का समय लगेगा, ऐसे में पंजाब का अंदाजन 250 करोड़ रुपये का निर्यात प्रभावित हो सकता है। निर्यातक फिलहाल वेट एंड वाच की नीति पर चल रहे हैं।
नार्दन इंडिया स्टीमर शिप एजेंट्स एसोसिएशन (निसा) के कोआर्डिनेटर मनोज वर्मा का कहना है कि सिर्फ लुधियाना से रोजाना 35 से चालीस कंटेनर माल का निर्यात अकेले अमेरिका को किया जाता है। अब जो माल अमेरिकन पोर्ट के नजदीक है या पोर्ट पर पहुंच गए हैं, उनके माल को नुकसान हो सकता है। हालात खराब होने के कारण पेमेंट में देरी हो सकती है। पंजाब से ज्यादातर टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात अमेरिका को किया जाता है।
उधर शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया के प्रबंधक सुबोध बिहारी कहते हैं कि जो शिप अमेरिकन पोर्ट के नजदीक हैं, उनको डायवर्ट किया जा रहा है या रेड-सी में ही रोका जा रहा है। शिपिंग लाइन्स के पास मौसम की पल पल की जानकारी रहती है, मौसम के रुख को ध्यान में रखकर छोटे छोटे आई-लैंड पर भी शिप को रोक दिया जाता है। बिहारी के अनुसार फिलहाल यहां पर भी लाइन्स हालात सही होने और हेरिकेन से हुए नुकसान का अंदाजा लगाने का काम कर रही हैं। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल के पूर्व रीजनल चेयरमैन एससी रल्हन कहते हैं कि पंजाब से एक माह में करीब 250 करोड़ रुपये का निर्यात अमेरिका को किया जाता है। सैंडी से हुई तबाही के चलते यह प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा अमेरिका जाने वाले शिपमेंट को इकाइयों में ही कुछ देर के लिए रोका जा रहा है। उधर चैंबर ऑफ अपैरल निटवियर एंड टेक्सटाइल एसोसिएशन के प्रधान अजीत लाकड़ा कहते हैं कि कुल निर्यात का बीस से पच्चीस फीसदी सिर्फ अमेरिक ा को भेजा जा रहा है। हेरिकेन के कारण माल की एयर लिफ्टिंग नहीं हो पा रही है।

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