आईजी ने अपनी ही पुलिस की जांच पर उठाया सवाल

Ludhiana Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। ज्वेलर से लाखों के आभूषणों की लूट में पकड़े गए दो पुलिसक र्मियों को उनके आफिस का बताने पर आईजी ट्रैफिक डा. शरद सत्य चौहान भड़क गए हैं। उन्होंने लुधियाना पुलिस की जांच पर ही सवाल उठाते हुए मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि साजिश के तहत उनके आफिस और उनके नाम को बदनाम किया गया है।
मंगलवार को पंजाब के आई-जी ट्रैफिक डा. शरद सत्य चौहान ने लुधियाना में प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग के साथ साफ कहा कि वह मामले की शिकायत लेकर खुद मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के पास जाएंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि बिना सोचे समझे आई-जी ट्रैफिक के दफ्तर का नाम लेने वाले अफसर को सस्पेंड किया जाए।
डा. चौहान ने साफ किया कि लूट में शामिल दोनों मुलाजिमों का उनके दफ्तर से कोई संबंध नहीं है, यदि ऐसा है तो एफआईआर में सबसे ऊपर उनका नाम डाला जाए। डा. चौहान ने कहा कि पूरे तथ्यों के साथ इस मामले को सीएम एवं डिप्टी सीएम के सामने उठा कर उनको इस साजिश से अपडेट किया जाएगा। तैश में आए आई-जी ट्रैफिक कांफ्रेंस में अपशब्द भी बोल गए।
आईजी ने आरोप लगाया है कि जांच में सभी तथ्यों को उजागर नहीं किया गया है, काफी तथ्य छिपा लिए गए हैं। ऐसा किसे बचाने के लिए किया जा रहा है, यह स्वतंत्र एजेंसी की जांच में ही सामने आ पाएगा। डा. चौहान के तेवरों को देख कर यह साफ हो गया है कि इस मामले में आई-जी ट्रैफिक आफिस और लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट आमने सामने आ गए हैं। उन्होंने साफ किया कि सारा मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाने के बाद ही मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वह सरकार को लिखेंगे कि इस मामले में आई-जी ट्रैफिक का नाम कैसे इस्तेमाल हुआ। समाचार पत्रोें में आई-जी ट्रैफिक छपने से उनके पास करीब सौ लोगों के फोन आए हैं। इससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि जूनियर अफसर ने अपनी मर्यादा को लांघ कर एक उच्चाधिकारी का नाम उछाला है। यदि आई-जी ट्रैफिक दफ्तर का नाम लिया था तो संबंधित अधिकारी का नाम भी खोलना जरूरी था।
यह है मामला
15 अक्तूबर की दोपहर मुंबई के नामी ज्वेलर के प्रतिनिधि को माल रोड पर वर्दी पहने दो लोगों ने बोलेरो में बिठा लिया और उसका बैग छीन कर दोराहा के आगे छोड़ दिया। इस लूट में दो वर्दी वाले लोगों के अलावा तीन और आरोपी भी फरार थे। इस मामले में पुलिस ने एएसआई अमर सिंह और हवलदार राजिंदर सिंह को गिरफ्तार किया हुआ है।

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