किसानों ने लंबी और मलोट में लगाए जाम

Ludhiana Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
लंबी/मलोट (मुक्तसर)। मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र लंबी और मलोट क्षेत्र के विभिन्न गांवों में धान की खरीद और लिफ्टिंग न होने से परेशान किसानों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा। यही कारण है कि किसानों द्वारा प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री बादल के पैतृक जिला मुक्तसर में आए दिन गुस्साए किसान किसी न किसी गांव में चक्का जाम करने को विवश हो गए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैतृक हल्के लंबी के गांव माहूआना में किसानों ने सुबह सवा आठ से सवा दस बजे तक राष्ट्रीय राज्य मार्ग नंबर दस पर चक्का जाम लगाया। किसानों ने ट्रैक्टर ट्रालियों के जरिए सड़क पर यातायात रोक दिया। उधर, दोपहर एक बजे से दो बजे तक गांव औलख के खरीद केंद्र के किसानों ने भी मुक्तसर-मलोट मार्ग को जाम कर डाला, जिससे दोनों ही स्थानों पर वाहनों की कतारें लग गईं। यात्रियों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहुआना में मलोट के तहसीलदार हरशरनजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर जब तुरंत ट्रक मंगवाकर लिफ्टिंग और एजेंसियों के इंस्पेक्टरों से खरीद शुरू करवाई तो कहीं जाकर किसानों का गुस्सा कुछ शांत हुआ और उन्होंने जाम खोला। जबकि गांव औलख में भी तहसीलदार हरशरनजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर बुधवार से सुचारू खरीद और लिफ्टिंग कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसानों ने जाम हटाकर रास्ता खोला। गांव औलख में किसानों और मार्कफेड के मैनेजर एचएस धालीवाल के बीच तकरार होने चली थी, मगर स्िथिति को संभाल लिया गया।
लंबी क्षेत्र के गांव माहूआना में प्रदर्शनकारी किसानों कश्मीर सिंह, जसबीर सिंह, बोहड़ सिंह, राजा सिंह, अमृतपाल सिंह ने बताया कि वह पिछले तीन सप्ताह से मंडी में बैठे हैैं। मंडी में जहां पूरी तरह से खरीद नहीं हो रही, वहीं जिसकी बोली हो चुकी है उसकी लिफ्टिंग नहीं हो रही है। एजेंसियों के अधिकारी धान में नमी का बहाना लगाकर बोली नहीं लगा रहे। नए धान को उतारने के लिए जगह नहीं मिल रही। ऐसे में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, मलोट के गांव औलख में भारतीय किसान यूनियन एकता-उग्राहां के सहायक सचिव सुखदेव सिंह, बोहड़ सिंह तथा जगदीप सिंह के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन दौरान किसान दर्शन सिंह औलख, हरजिंदर सिंह बिट्टू, लखवीर सिंह साउंके, गुरजंट सिंह औलख, गुरतेज सिंह, नरिंदर सिंह भूंदड़, कुलविंदर सिंह आदि ने धान खरीद न होने तथा लिफ्टिंग न होने पर रोष जाहिर किया।

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