महंगे किराए से बसों में सवारियां होंगी और कम

Ludhiana Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
लुधियाना। पंजाब में बसों के किराए में बीस फीसदी की वृद्धि से जहां महंगाई से त्रस्त जनता पर गहरी चोट राज्य सरकार ने की है, वहीं बसों, ट्रांसपोटरों पर टैक्स का बोझ बढ़ाकर उनके दुख दर्द भी बढ़ा दिए गए हैं। बस आपरेटरों का तर्क है कि किराए महंगे होने से लोग बसों की बजाए अपने निजी वाहनों को तवज्जो देंगे। नतीजतन राज्य में प्रति बस औसतन सवारी की संख्या मौजूदा 40 से कम होकर 35 तक रह सकती है। इससे आपरेटरों की रनिंग कॉस्ट में इजाफा होगा और उनको सीधा नुकसान होगा। पंजाब बस आपरेटर एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि टैक्स में किए इजाफे को तुरंत वापस लिया जाए। इस संबंध में शीघ्र ही एक ज्ञापन पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को दिया जाएगा।
एसोसिएशन के स्टेट प्रेसिडेेंट अमीर चंद शाहपुरी का तर्क है कि जब डीजल की कीमत में साढ़े पांच रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ तो सरकार के खजाने में वैट से करोड़ों रुपये की कमाई खुद-ब-खुद बढ़ गई। इसके बाद अब राज्य में बीस फीसदी किराया बढ़ा कर जनता पर गाज गिरा दी गई है। इस कदम से भी सरकार के खजाने की रौनक बढ़ जाएगी। इतना ही बस नहीं अब बस आपरेटरों पर लगने वाले टैक्स मे भी इजाफा कर दिया गया है। साधारण बस का टैक्स 2.25 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ा कर 2.75 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। इसके अलावा इंटेगरल कोच बसों पर टैक्स पचास पैसे से बढ़ा कर डेढ़ रुपये प्रति किलोमीटर और साधारण एसी बस का टैक्स एक रुपये से बढ़ा कर डेढ़ रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है।
प्रेसिडेंट शाहपुरी का कहना है कि इससे आपरेटरों पर दोहरी मार पड़ी है। मसलन किराए में वृद्धि से बस यात्रियों की संख्या में कमी आने की संभावना है, दूसरे अब आपरेटर को सरकार के पास अधिक टैक्स जमा कराना होगा। इन हालात में बसें चलाना काफी मुश्किल होगा। बस आपरेटर पहले ही साधारण बस पर टैक्स में राहत की मांग कर रहे थे, सरकार ने राहत देने की बजाए बोझ बढ़ा दिया है।

Spotlight

Most Read

Shimla

वन भूमि से 416 पेड़ काटने के मामले में आरोपी गिरफ्तार

वन भूमि से 416 पेड़ काटने के मामले में आरोपी गिरफ्तार

20 जनवरी 2018

Related Videos

सरकारी बेरुखी ने बनाया इस गोल्ड मेडेलिस्ट को मजदूर

स्पेशल ओलिंपिक्स वर्ल्ड समर गेम्स-2015 में 2 स्वर्ण पदक विजेता 17 साल के चैंपियन साइक्लिस्ट राजबीर सिंह आजकल बदहाली में जी रहे हैं। राजबीर की ये बदहाली सरकार के खेलों को बढ़ावा देने के दावों की कलई खोल रही है।

27 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper