बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

शैलर एसोसिएशन और सरकारी पेंच में फंसा धान

Ludhiana Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
माछीवाड़ा। पिछले कई वर्षों से घाटे में चल रही राज्य की शैलर इंडस्ट्री राज्य सरकार की नई मिलिंग नीति को लेकर आक्रोश में है। पंजाब राइस मिलर्स वेलफेयर एसोसिएशन से जुडे़ सदस्य अपनी मिलों में धान का स्टॉक नहीं करवा रहे हैं। नतीजतन मंडियों में धान का अंबार लगना शुरू हो गया है। यदि सरकार ने इस समस्या का कोई ठोस हल नहीं निकाला तो आने वाले दिनों में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
विज्ञापन

मिलिंग नीति में सरकार ने बैंक गारंटी, बैंक ब्याज की मांग की है। यह मिलर्स को नामंजूर है। राज्य की शैलर एसोसिएशन की पांच सदस्यीय टीम के सदस्य निर्मल सिंह नागरा का कहना है कि सरकार उनसे प्रति टन सिक्योरिटी मांग रही है। जबकि पिछले लंबे अर्से से शैलर वालों की प्रति वर्ष की करोड़ों रुपये सिक्योरिटियां जमा हैं। उनकी वापसी नहीं हो रही है। जगह की समस्या के चलते सरकार अगर कहेगी कि सरकारी धान अपने शैलर में लगवाओं तो हम तैयार हैं, लेकिन इस धान की कस्टडी व देखरेख सरकार की होगी व आने वाला खर्च भी सरकार को वहन करना पडे़गा । नई पालिसी के तहत सरकारी गोदामों में जगह की उपलब्धता के आधार पर ही मिलिंग करना संभव नहीं है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X